NDPS अदालत का बड़ा फैसला: आठ ड्रग तस्करों को 10 से 15 साल की सजा

छग

Update: 2025-09-01 13:56 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में नशीली दवाओं की अवैध तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आठ आरोपियों को दोषी मानते हुए 10 से 15 साल तक का कठोर कारावास और 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक का आर्थिक दंड दिया है। अदालत ने जप्त किए गए नशीले पदार्थों को नष्ट करने और तस्करी में इस्तेमाल वाहनों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश भी जारी किए।
क्या है मामला
यह मामला 11 अक्टूबर 2022 का है, जब रायपुर के आजाद चौक थाना पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस ने इस दौरान नियाजुद्दीन उर्फ विक्की, जे. भास्कर राव, रविन्द्र गोयल, मुकेश कुमार साहू, मोहम्मद हसन, साहिल हसन, आकाश विश्वकर्मा और विरल पटेल को गिरफ्तार किया था। जांच में इन सभी पर अल्प्रोजोलम टैबलेट और ट्रामाडोल कैप्सूल जैसी नशीली दवाओं की अवैध तस्करी का आरोप साबित हुआ। पुलिस को नियाजुद्दीन और जे. भास्कर राव से सीमित मात्रा में नशीली दवाएं मिली थीं। वहीं, रविन्द्र गोयल, मुकेश साहू, मोहम्मद हसन और साहिल हसन के पास से वाणिज्यिक मात्रा में हजारों ट्रामाडोल कैप्सूल और अल्प्रोजोलम टैबलेट बरामद हुए थे। आकाश विश्वकर्मा और विरल पटेल पर इन आरोपियों के साथ मिलकर तस्करी की साजिश रचने का आरोप सिद्ध हुआ।
अदालत का फैसला
गंभीर आरोपों और ठोस सबूतों के आधार पर अदालत ने सभी आठ आरोपियों को दोषी करार दिया।
नियाजुद्दीन और जे. भास्कर राव – 10 साल का कठोर कारावास और 1 लाख रुपये का जुर्माना।
रविन्द्र गोयल, मुकेश साहू, मोहम्मद हसन और साहिल हसन – 15 साल का कठोर कारावास और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना।
आकाश विश्वकर्मा और विरल पटेल – 10 साल का कठोर कारावास और 1 लाख रुपये का जुर्माना।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नशे का कारोबार समाज के लिए एक गहरी जड़ें जमाने वाली समस्या बन चुका है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। ऐसे अपराधियों को सख्त सजा देकर ही समाज में संदेश दिया जा सकता है।
पुलिस और अदालत की सख्ती
नशे के खिलाफ रायपुर पुलिस की कार्रवाई और अदालत का यह कड़ा फैसला दोनों ही इस बात का संकेत हैं कि अब ड्रग्स के कारोबार में शामिल लोगों को किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलेगी। पुलिस पहले ही आरोपियों से बरामद नशीले पदार्थों की गिनती और उनके नेटवर्क का ब्योरा कोर्ट को सौंप चुकी थी। कोर्ट ने इसे बेहद गंभीर मामला मानते हुए दोषियों को अधिकतम सजा सुनाई।
समाज में संदेश
यह फैसला छत्तीसगढ़ और विशेषकर रायपुर में ड्रग्स के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती देगा। लगातार बढ़ते नशे के मामलों ने समाज में चिंता पैदा की है। स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों तक नशीली दवाओं का प्रसार होना बड़ी समस्या बन चुकी है। ऐसे में अदालत का यह निर्णय नशा माफिया और उनके नेटवर्क के लिए बड़ा सबक साबित होगा।
आगे की कार्यवाही
अदालत ने न केवल दोषियों को कठोर सजा दी है बल्कि जप्त नशीले पदार्थों को नष्ट करने और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को राजसात करने के आदेश भी दिए हैं। इससे स्पष्ट संदेश गया है कि ड्रग्स तस्करी से जुड़ी संपत्ति और संसाधनों को भी सरकार जब्त करेगी।
Tags:    

Similar News