रायपुर: राजधानी और उसके आस पास शहरों और कस्बो में सट्टा, नशे के कारोबार बेखौफ चल रहा है। जानकार लोग बताते हैं कि इसी वजह से इन पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती और इसी बात का ये फायदा उठाते हुए अपने काम को ठिकाना बदल बदल कर अंजाम देते रहते हैं। देखा जा रहा है कि राजधानी और आसपास इलाके में सट्टा, गांजा, और नशाखोरी का तेजी से विस्तार हो रहा है। राजधानी का ऐसा कोई इलाका नहीं है, जहां नशे के सौदागर, सटोरिए न हों। गली,मोहल्लों के अलावा वीआइपी रोड स्थित होटलों में नशे का करोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। राजधानी के वीआईपी रोड के अलावा अन्य होटल तो इन सबका अड्डा बन गया है। जहां होटल की केटेगिरी देखकर अलग अलग तबके के लोग इन सब कामों में लिप्त पाए जा रहे हैं।
कारोबारी अब नए ट्रेंड में भी काम करने लगे हैं , पहले खुद ही इन सब गंदे कामो को अंजाम देते रहे हैं लेकिन अब इस काम में महिला और बच्चो को भी लगा दिए हैं। मजे की बात सबसे बड़े सटोरिया को तो पुलिस सात समुन्दर पार से लेकर तो आने वाली ही है लेकिन छुटभैये नेताओं के वरहदस्त प्राप्त गली मोहल्ले के सटोरियों और नशे के सौदागरों को कौन पकड़ेगा, बताया जाता है कि ये गली मोहल्ले वाले ही कुछ अधिकारी कर्मचारियों के ए टी एम हैं।
गांजा, अफीम, चरस, ब्राउन शुगर, शराब के साथ गली-गली में पनपते सट्टे के कारोबार पर रोक लगाने की मांग तो समाजसेवी करते ही रहते हैं लेकिन सट्टा गांजा जुआ शराब नशाखोरी है की रूक ही नहीं रही है। खुद पुलिस के आला अफसर भी कोशिश करते हैं कि इन सब पर अंकुश लगे इसके लिए जगह जगह छापामार कार्रवाई तो करते जरूर हैं लेकिन हालत जस का तस है। असामाजिक तत्वों ने अपने धंधों को चलाने के लिए जगह-जगह पर अड्डे बना लिए हैं। उनका संचालन बेखौफ किया जा रहा है। कालीबाड़ी चौक स्थित सुलभ शौचालय के आगे खाली मैदान में दिन और रात सट्टा, जुआ, गांजा, अवैध शराब और नशीली दवाई बेची जा रही हैं। पुलिस की निष्क्रियता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस के आला अधिकारी असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर लगातार अफसरों को चेताते हैं। नजीजतन, अवैध कारोबार कुछ दिनों तक बंद रहता है लेकिन फिर से अवैध कारोबार करने वाले मोहल्लों में सक्रिय हो जाते हैं।
24 घंटे चलता है कारोबार
पुरानी बस्ती के लाखेनगर चौक, नर्मदापारा, चूनाभ_ी, गुढिय़ारी के पहाड़ीपारा चौक, गोलबाजार थाने के ठीक सामने गली में, नेहरुनगर, कालीबाड़ी, पेंशनबाड़ा, ओसीएम चौक के पास, खमतराई ओवरब्रिज आदि स्थानों पर लंबे समय से सट्टा-पट्टी, शराब, गांजा बेचने का कारोबार 24 घंटे चल रहा है। रहवासियों की शिकायत थाना पुलिस हमेशा नजरअंदाज कर देती है। तय अड्डों पर बैठे कोचिया खुलेआम देसी, अंग्रेजी शराब के साथ-साथ गांजा आदि बेच रहे हैं। शराब, गांजा बेचने का काम सुबह छह बजे से शुरू होता है और शराब दुकान खुलने के दो घंटे बाद तक चलता है। सुबह से यह काम शुरु होता है, जो अगली सुबहे तक अनवरत चलते रहता है।
सट्टा और नशे का करोबार गली-महल्लों में फैला
पुरानी बस्ती, गंज, गोलबाजार, कोतवाली, खमतराई, गुढिय़ारी, तेलीबांधा, न्यू राजेंद्रनगर, लाखेनगर, गुढिय़ारी, संजय नगर, संतोषी नगर, रामकुंड, रामसागर पारा, तेलघानी चौक, रामनगर, सुदामा नगर, नक्षमन नगर, तिल्दा नेवरा, भाटापारा, धमतरीख् कुरूद आदि जगहों में सट्टा और नशे के कारोबार चरम पर है। इलाके के लोगों ने बताया कि पुलिस का दबाव अब बेअसर साबित होने लगा है। खुलेआम सटोरिए सट्टा-पट्टी काट रहे हैं। शराब-गांजा बेचने वाले भी बेधडक़ धंधा कर रहे हैं। शराब की दुकानों के बंद होने के बाद शराब का रेट तीन गुना तक हो जाता है। यही हाल राजधानी के अन्य मोहल्लों का भी है।