अमर अग्रवाल और गजेन्द्र यादव पहुंचे सीएम हाउस, वन-टू-वन चर्चा

छग

Update: 2025-08-18 17:37 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति इन दिनों कैबिनेट विस्तार को लेकर सरगर्म है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नई कैबिनेट के गठन को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं और संभावित मंत्रियों की लिस्ट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। देर रात राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में हुई मुलाकातों ने इस अटकल को और तेज कर दिया है कि मंत्रिमंडल विस्तार अब बस औपचारिकता भर रह गया है।
सीएम निवास में मुलाकातों का दौर
शनिवार देर रात दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। वे मुस्कुराते हुए सीएम हाउस में दाखिल हुए, जिससे उनके मंत्री पद की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। इसके अलावा, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। दोनों विधायकों से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वन-टू-वन चर्चा की। वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी सीएम हाउस पहुंचीं और करीब दो घंटे तक अंदर रहीं। इससे पहले अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। चर्चा के बाद दोनों विधायक हंसते हुए बाहर निकले, जिससे यह कयास और मजबूत हो गया कि कैबिनेट विस्तार को लेकर अंतिम दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है।
20 अगस्त को हो सकता है विस्तार
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब मंत्रिमंडल विस्तार 20 अगस्त को अमलीजामा पहन सकता है। पहले अटकल थी कि 19 अगस्त को शपथ ग्रहण होगा, लेकिन मुख्यमंत्री के आधिकारिक शेड्यूल में राजभवन जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है। 19 अगस्त को सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक सीएम मंत्रालय में रहेंगे। वे सुबह 11 बजे कैबिनेट बैठक, दोपहर में कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और बाद में एक प्रेजेंटेशन देखने वाले हैं। ऐसे में यह लगभग तय हो गया है कि शपथ ग्रहण का आयोजन 20 अगस्त को ही होगा।
तीन नए मंत्री लेंगे शपथ
इस बार कैबिनेट विस्तार में तीन नए मंत्रियों को जगह मिलने की संभावना है। इनमें गजेंद्र यादव का नाम लगभग पक्का माना जा रहा है, जबकि बाकी दो नामों को लेकर अभी भी संशय बरकरार है। सूत्र बताते हैं कि संगठन और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों का चयन किया जाएगा।
हरियाणा मॉडल पर होगा विस्तार
छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधायक हैं। संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक, विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या के 15 प्रतिशत तक मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी 90 विधायकों पर अधिकतम 13.5 मंत्री हो सकते हैं, जिसे राउंड-ऑफ करके 14 मंत्री बनाया जा सकता है। हरियाणा में भी 90 विधायक हैं और वहां की बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं। ऐसे में यह कयास लगाया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में भी इसी फॉर्मूले को लागू करते हुए मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री होंगे। अब तक छत्तीसगढ़ के इतिहास में अधिकतम 13 मंत्री ही बनते आए हैं, लेकिन इस बार 14 मंत्रियों का नया रिकॉर्ड बन सकता है।
गजेंद्र यादव का नाम तय क्यों?
दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव पिछले कुछ महीनों में लगातार संगठन के करीब रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक उनका नाम मंत्री पद के लिए चर्चा में रहा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो संगठन, जातिगत समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जैसे सभी मापदंडों पर वे फिट बैठते हैं। यही वजह है कि उनके मंत्री पद की घोषणा को लेकर किसी भी तरह का संशय नहीं है।
अन्य संभावित चेहरे
हालांकि पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अमर अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, और गुरु खुशवंत साहेब भी दौड़ में शामिल हो सकते हैं। इनमें से किसे जगह मिलेगी, इसका फैसला अंतिम समय में केंद्रीय नेतृत्व की राय के बाद ही होगा।
राजनीतिक हलचल और रणनीति
कैबिनेट विस्तार को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गर्म है। विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है। वहीं, बीजेपी संगठन के भीतर भी मंत्री पद की दौड़ ने खासी हलचल पैदा कर दी है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व संतुलन साधने की पूरी कोशिश कर रहा है। एक ओर जहां अनुभवशील चेहरों को शामिल करने पर विचार हो रहा है, वहीं युवाओं और महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया जा रहा है। राजधानी रायपुर और अन्य जिलों में आम जनता भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उत्सुक है। लोगों की नजर इस बात पर है कि कौन-कौन विधायक मंत्री पद की शपथ लेते हैं और उनके विभागों की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है। उम्मीद की जा रही है कि नए मंत्री बनने के बाद विकास कार्यों की गति और तेज होगी।
Tags:    

Similar News