Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की जानकारी सामने आते ही राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खास बात यह है कि उन्होंने अपने त्यागपत्र में इस्तीफे के किसी भी कारण का उल्लेख नहीं किया है। रणवीर सिंह मरहास बीते लगभग दो वर्षों से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में सेवाएं दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों में प्रभावी पैरवी की। हाईकोर्ट में सरकार के पक्ष को मजबूती से रखने के कारण वे कानूनी जगत में एक सशक्त और सक्रिय अधिवक्ता के रूप में पहचाने जाते थे।
इस्तीफे को लेकर अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राज्य सरकार ने उनका त्यागपत्र औपचारिक रूप से स्वीकार किया है या नहीं। न तो महाधिवक्ता कार्यालय की ओर से और न ही राज्य सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में इस्तीफे के पीछे के कारणों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कानूनी सूत्रों के अनुसार, रणवीर सिंह मरहास वर्तमान में भी कई अहम मामलों की पैरवी कर रहे थे। ऐसे में अचानक उनके इस्तीफे से न्यायिक कार्यप्रणाली और सरकारी पक्ष की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि उनके इस कदम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा हो रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अतिरिक्त महाधिवक्ता जैसे संवैधानिक और संवेदनशील पद से इस्तीफा देना सामान्य प्रक्रिया नहीं होती। आमतौर पर इसके पीछे व्यक्तिगत, पेशेवर या प्रशासनिक कारण होते हैं। हालांकि, जब तक आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। इधर, हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं के एक वर्ग का कहना है कि रणवीर सिंह मरहास ने अपने कार्यकाल में सरकार के मामलों को मजबूती से रखा और कई जटिल मामलों में प्रभावशाली दलीलें पेश कीं। उनके इस्तीफे से सरकारी पक्ष को नया विकल्प तलाशना पड़ सकता है। फिलहाल, सबकी निगाहें राज्य सरकार और महाधिवक्ता कार्यालय के आधिकारिक बयान पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में या तो इस्तीफे के कारणों पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी या फिर नए अतिरिक्त महाधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया शुरू होगी। तब तक रणवीर सिंह मरहास का इस्तीफा छत्तीसगढ़ की कानूनी और राजनीतिक सुर्खियों में बना रहेगा।