दुर्गा मंदिर के सामने कार ने मचाई तबाही, व्यापारी सहित 5 लोग गंभीर घायल
छग
Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ में तेज रफ्तार वाहनों का कहर लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। ताजा मामला जशपुर जिले के बगीचा नगर से सामने आया है, जहां रविवार शाम दुर्गा मंदिर के सामने एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पर चल रहे लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक सड़क हादसे में नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी प्रकाश जैन सहित कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में दो पुरुष, एक महिला और दो मासूम बच्चे शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। सबसे पहले कार ने सड़क पर चल रही एक स्कूटी को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर के बाद स्कूटी कार के आगे फंस गई और करीब 100 मीटर तक घसीटती चली गई। इस दौरान सड़क किनारे मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। तेज आवाज और चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। कई लोग सड़क पर गिर पड़े, जिन्हें कार की चपेट में आकर गंभीर चोटें आईं। हादसे में घायल हुए सभी लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल में संसाधनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण घायलों को समुचित इलाज नहीं मिल सका। प्राथमिक उपचार के बाद सभी गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने तेज रफ्तार कार चालक को हिरासत में लेते हुए वाहन को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि बगीचा नगर में तेज रफ्तार वाहनों पर कोई नियंत्रण नहीं है। दुर्गा मंदिर जैसे व्यस्त इलाके में भी वाहन चालक बेखौफ होकर तेज गति से गाड़ियां दौड़ाते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से स्पीड ब्रेकर लगाने, ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और नियमित वाहन जांच की मांग की है। वहीं, बगीचा अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जाहिर की।
नागरिकों का कहना है कि बगीचा जैसे तहसील मुख्यालय में स्थित अस्पताल में गंभीर घायलों के इलाज की पर्याप्त सुविधा नहीं है। एक्सीडेंट या आपात स्थिति में मरीजों को अंबिकापुर रेफर करना मजबूरी बन चुका है, जिससे कई बार मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है। लोगों ने शासन-प्रशासन से अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक उपकरणों और आपात सेवाओं को मजबूत करने की मांग की है। यह हादसा एक बार फिर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाएं यह दर्शाती हैं कि तेज रफ्तार, लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी आम हो गई है। यदि समय रहते प्रशासन द्वारा सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे भविष्य में और भी गंभीर रूप ले सकते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। पूरे नगर की निगाहें घायलों के स्वास्थ्य पर टिकी हुई हैं। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है।