Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुए 85 लाख रुपए के बैंक गबन कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, पुलगांव शाखा से जुड़ा है, जहां बैंक के कर्मचारियों ने 240 ग्राहकों से लोन की राशि वसूलकर उसे बैंक में जमा करने की बजाय अपने निजी उपयोग में खर्च कर लिया था। अब तक इस प्रकरण में कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से छह को पुलिस पहले ही न्यायिक हिरासत में भेज चुकी थी।
🔹 मामला कैसे खुला?
आवेदक मोहित देशमुख, क्षेत्रीय प्रबंधक, ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, दुर्ग ने थाना पुलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने ग्राहकों से वसूली गई लोन की राशि बैंक में जमा नहीं की। जांच में यह सामने आया कि ग्राम चंद्रखुरी की हिरन बाई साहू समेत कुल 240 ग्राहकों से बैंक के लोन के तहत वसूली गई रकम — लगभग ₹85 लाख (₹84,98,940) — कर्मचारियों ने बैंक में जमा करने के बजाय अपने निजी खर्च में उपयोग कर ली थी। जब बैंक ने लोन की किस्तों के भुगतान को लेकर ग्राहकों से संपर्क किया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि वे राशि पहले ही संबंधित कर्मचारियों को जमा कर चुके हैं। इसके बाद मामला धोखाधड़ी और गबन का साबित हुआ।
🔹 पुलिस ने दर्ज किया केस
आवेदक की रिपोर्ट पर थाना पुलगांव में अपराध क्रमांक 546/2025 के तहत धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (विश्वासघात कर गबन) और 120-बी (षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने छानबीन के दौरान बैंक के आंतरिक रिकार्ड, वसूली रजिस्टर और डिजिटल एंट्री की जांच की। इसमें पाया गया कि बैंक कर्मचारियों ने वसूली का रसीद तो काटी, लेकिन राशि बैंक के खातों में जमा नहीं की।
🔹 गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने मंगलवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है —
सतीश कुमार सिन्हा, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम रेंगाकठेरा, जिला राजनांदगांव
टिकेश कुमार यादव, उम्र 24 वर्ष, निवासी डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव
अमित कुमार ध्रुव, उम्र 26 वर्ष, निवासी लोरमी, जिला मुंगेली
इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि ये आरोपी बैंक के फील्ड कलेक्शन एजेंट के रूप में काम करते थे और ग्राहकों से नकद वसूली कर राशि जमा न करने की मिलीभगत में शामिल थे।
🔹 पहले ही 6 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इससे पहले पुलिस ने मामले में 6 अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अब तक पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को पकड़ा है और शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
🔹 पुलिस का बयान
थाना पुलगांव पुलिस अधिकारियों के अनुसार “यह संगठित आर्थिक अपराध है जिसमें बैंक कर्मचारियों ने संस्था में कार्यरत रहते हुए ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की। आगे की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या किसी उच्च अधिकारी की भूमिका इसमें रही है।” पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान गबन की गई रकम के उपयोग और संभावित अन्य बैंक शाखाओं से कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
🔹 जांच में सामने आई लापरवाही
प्राथमिक जांच में सामने आया कि बैंक के ऑडिट और सुपरविजन सिस्टम में भी गंभीर लापरवाही हुई। कर्मचारियों द्वारा वसूली गई रकम और डिजिटल रिपोर्टिंग में असंगति लंबे समय तक नोटिस में नहीं आई, जिससे आरोपियों को रकम हड़पने का मौका मिला।