Yoga : थायराइड, शुगर और स्ट्रेस का रामबाण इलाज, रोजाना करें ये 5 आसान योग
Yoga : आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग स्वास्थ्य पर ध्यान देना तो चाहते हैं, लेकिन उनके पास समय नहीं होता है। ऐसे में जीवनशैली में कुछ बदलाव और अच्छी आदतों को शामिल करके स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है और आजकल हर तीसरे व्यक्ति को होने वाली कुछ सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं को खुद के शरीर से दूर रखा जा सकता है। इन रोगों में बीपी, शुगर, थाइराइड, मोटापा जैसी समस्याएं हैं। हालांकि कुछ सरल लेकिन बेहद प्रभावशाली योगासन हैं, जिसका अभ्यास इन समस्याओं से बचाव और छुटकारा दिलाता है। खास बात ये हैं कि यहां बताए जा रहे हैं आसन हर उम्र के व्यक्ति के लिए लाभदायक हैं। ये न केवल शरीर को फिट रखते हैं बल्कि मानसिक संतुलन और इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं।
पांच असरदार योगासन:
वज्रासन :
वज्रासन का अभ्यास भोजन के बाद करें। यह आसन पाचन तंत्र के लिए सबसे बेहतर होता है। यह एसिडिटी और कब्ज में राहत दिलाता है। यह डायबिटीज़ में मददगार होता है। खाने के बाद 5 मिनट वज्रासन में बैठने से गैस, एसिडिटी और अपच से बचा जा सकता है।
भ्रामरी प्राणायाम :
यह आसन स्ट्रेस, माइग्रेन और हाई बीपी में असरदार है। जिनको नींद की समस्या है, इस आसन के अभ्यास से अनिद्रा दूर होती है। इसके अभ्यास के लिए आंखें बंद करके गहरी सांस लें, दोनों कानों को अंगूठों से बंद करें और मधुमक्खी जैसी ध्वनि निकालें।
बालासन :
यह आसन पीठ दर्द और थकान से राहत दिलाता है। साथ ही थायराइड में राहत देता है। बालासन के अभ्यास के लिए वज्रासन में बैठकर सांस छोड़ते हुए शरीर को आगे झुकाएं और माथा ज़मीन पर टिकाएं। फिर हाथ आगे की ओर फैलाएं या शरीर के पास रखें। कम से कम एक-दो मिनट इसी मुद्रा में रहें। बालासन के अभ्यास से पीठ और कमर की थकान दूर होती है। यह आसन मन को शांत करता है और चिंता को कम करता है।
सेतुबंधासन:
यह आसन थायराइड और हार्मोनल इमबैलेंस में असरदार है। इसके अभ्यास से कमर मजबूत होती है। सेतुबंधासन के अभ्यास के लिए अपने घुटनों को मोड़कर और पैरों को कूल्हे की चौड़ाई से अलग करके अपनी पीठ के बल लेट जाएं। अब पैरों को जमीन पर दबाएं और अपने कूल्हों को छत की ओर उठाएं। 20-30 सेकंड तक इसी स्थिति में रुकें।
ताड़ासन शरीर को संतुलित और लचीला बनाता है। यह आसन लंबाई बढ़ाने में सहायक है। इसका अभ्यास पूरे शरीर को सीधा और संतुलित करता है। गलत मुद्रा सुधारने में सहायक है। साथ ही गर्दन और रीढ़ की सीध में संतुलन लाता है। ताड़ासन करने के लिए सीधे खड़े होकर दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और एड़ियों पर खड़े हो जाएं। पूरी बॉडी को स्ट्रेच करें और गहरी सांस लें।