मुंबई: खूबसूरत मुस्कान किसी की भी पर्सनैलिटी को निखार देती है और इसमें दांतों की अहम भूमिका होती है। लेकिन सुबह की चाय-कॉफी, ज्यादा मीठा खाना, तंबाकू-सिगरेट और दांतों की सही सफाई न करने जैसी आदतों की वजह से दांतों पर धीरे-धीरे पीली परत जम सकती है।समय के साथ दांतों पर जमा प्लाक और टार्टर सिर्फ मुस्कान की चमक को ही कम नहीं करते, बल्कि सही देखभाल न होने पर मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं। इसलिए दांतों की सफाई और ओरल हाइजीन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।अगर दांतों पर हल्का पीलापन है, तो कुछ आसान उपाय मददगार हो सकते हैं। हालांकि, घरेलू नुस्खों से गहरे दाग या टार्टर पूरी तरह हटाना संभव नहीं होता। ऐसे मामलों में डेंटिस्ट से जांच कराना बेहतर रहता है।
दांतों का पीलापन कम करने के लिए सबसे जरूरी क्या है?
सबसे पहले रोजाना दिन में दो बार फ्लोराइड टूथपेस्ट से करीब 2 मिनट तक ब्रश करना चाहिए। इसके साथ रोजाना फ्लॉसिंग या इंटरडेंटल क्लीनिंग करने से दांतों के बीच जमा गंदगी को हटाने में मदद मिलती है।
चाय-कॉफी और मीठी चीजों का ज्यादा सेवन भी दांतों पर दाग बढ़ा सकता है, इसलिए इनका सेवन सीमित रखना बेहतर है।
नींबू या संतरे के छिलके से दांत रगड़ना?
नींबू और संतरे जैसे खट्टे फलों में एसिड होता है। कुछ लोग इनके छिलकों को दांतों पर रगड़ने को घरेलू उपाय मानते हैं, लेकिन इसे नियमित रूप से करना सही नहीं है।
खट्टे फलों का एसिड दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल को कमजोर कर सकता है। इसलिए दांतों को सफेद करने के लिए नींबू या दूसरे खट्टे पदार्थों को सीधे दांतों पर रगड़ना विशेषज्ञों की पहली पसंद नहीं है।
अगर दांतों पर लगातार दाग या पीलापन नजर आ रहा है, तो सुरक्षित विकल्प के लिए डेंटिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।
नींबू और बेकिंग सोडा से रहें सावधान
दांत सफेद करने के लिए इंटरनेट पर नींबू और बेकिंग सोडा का इस्तेमाल काफी बताया जाता है। बेकिंग सोडा में हल्के abrasive गुण होते हैं, लेकिन इसमें नींबू का एसिड मिलाने से दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचने का जोखिम बढ़ सकता है।
इसलिए इस मिश्रण को दांतों पर बार-बार रगड़ना अच्छा विकल्प नहीं माना जाता। दांतों का इनेमल एक बार घिसने के बाद शरीर उसे दोबारा नहीं बना सकता।
अगर सफेद दांत चाहिए तो बेहतर है कि डेंटिस्ट की सलाह से उपयुक्त whitening toothpaste या professional teeth cleaning का विकल्प चुना जाए।
नमक और सरसों का तेल कितना फायदेमंद?
नमक और सरसों के तेल से दांतों और मसूड़ों की मालिश करना एक पारंपरिक घरेलू तरीका है। लेकिन इससे दांतों का पीलापन स्थायी रूप से दूर होने या दांतों को सफेद करने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
इसके अलावा, नमक के दानों से दांतों को जोर-जोर से रगड़ने पर इनेमल और मसूड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए इसे टूथब्रश और फ्लोराइड टूथपेस्ट का विकल्प नहीं समझना चाहिए।
दांतों को लंबे समय तक सफेद और स्वस्थ रखने के आसान तरीके
दिन में दो बार फ्लोराइड टूथपेस्ट से ब्रश करें।
ब्रश करते समय दांतों पर बहुत ज्यादा दबाव न डालें।
रोजाना फ्लॉस या इंटरडेंटल क्लीनिंग करें।
चाय, कॉफी और बहुत ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें।
तंबाकू और धूम्रपान से बचें।
दांतों पर जमा टार्टर को घर पर खुरचने की कोशिश न करें।
समय-समय पर डेंटिस्ट से दांतों की जांच करवाएं।
कब डेंटिस्ट को दिखाना चाहिए?
अगर दांतों का पीलापन लंबे समय से है, दांतों पर सख्त पीली या भूरी परत जमा है, मसूड़ों से खून आता है, सूजन रहती है या दांतों में दर्द और संवेदनशीलता है, तो सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
ऐसी स्थिति में डेंटिस्ट दांतों की सही वजह पता करके जरूरत के अनुसार स्केलिंग, क्लीनिंग या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।
याद रखें, चमकदार दांतों के लिए सबसे जरूरी चीज नियमित और सही ओरल केयर है। घरेलू नुस्खों के चक्कर में दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचाना फायदे से ज्यादा नुकसान कर सकता है।
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