लाइफ स्टाइल : बढ़ता वजन आज के समय में बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। लोग वजन घटाने के लिए जिम, महंगे सप्लीमेंट, क्रैश डाइट और तरह-तरह के फूड प्लान आजमाते हैं, लेकिन कई बार साधारण और संतुलित घर का खाना ही सबसे ज्यादा काम आता है। ऐसा ही एक उदाहरण न्यूट्रिशन प्रोफेशनल शिखा सिंह का है, जिन्होंने दावा किया कि उनका वजन कभी करीब **110 किलो** था और उन्होंने अपनी डाइट तथा लाइफस्टाइल में बदलाव करके लगभग **50 किलो वजन कम किया**। अब वह करीब 60 किलो के आसपास हैं।
शिखा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स में बताया कि उनके वेट लॉस का आधार कोई महंगा डाइट प्लान नहीं था, बल्कि साधारण घर का खाना, पोर्शन कंट्रोल, नियमित वॉक, पर्याप्त पानी और बेहतर नींद जैसी आदतें थीं। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी एक व्यक्ति का डाइट प्लान हर किसी के लिए वैसा ही परिणाम देगा, इसकी गारंटी नहीं है।
नाश्ते में क्या खाती थीं?
शिखा के साझा किए गए एक डाइट प्लान में नाश्ते के लिए ओट्स की रोटी, मौसमी सब्जी और ब्लैक कॉफी शामिल थी। दूसरे प्लान में उन्होंने मेथी की रोटी, करीब 50 ग्राम पनीर भुर्जी, ज्यादा सब्जियां और बिना चीनी वाली चाय का जिक्र किया।
इस तरह के नाश्ते की खासियत यह है कि इसमें कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन और फाइबर भी मिलते हैं। इससे पेट लंबे समय तक भरा महसूस हो सकता है और बार-बार स्नैकिंग की जरूरत कम हो सकती है।
मिड-मॉर्निंग में फल
उनके एक प्लान के अनुसार मिड-मॉर्निंग स्नैक में लगभग 150 ग्राम अनानास शामिल था। फल प्राकृतिक मिठास के साथ फाइबर, विटामिन और मिनरल भी देते हैं।
हालांकि फल की मात्रा व्यक्ति की कुल कैलोरी जरूरत, ब्लड शुगर और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के अनुसार बदल सकती है। डायबिटीज या अन्य मेटाबॉलिक समस्याओं वाले लोगों को अपनी डाइट डॉक्टर या डायटिशियन से तय करवानी चाहिए।
लंच में साधारण घर का खाना
शिखा ने लंच के लिए छोटे हिस्से में चावल, दाल, दही और हरी सलाद का उदाहरण दिया। यह एक बेहद साधारण भारतीय भोजन है, लेकिन इसका फायदा पोर्शन कंट्रोल और संतुलन में है।
वजन घटाने के दौरान चावल या रोटी पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं होता। ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मात्रा नियंत्रित हो और भोजन में प्रोटीन, सब्जियां तथा फाइबर पर्याप्त हो। वर्तमान पोषण सलाह भी संतुलित भारतीय भोजन, पोर्शन कंट्रोल और निरंतरता को टिकाऊ वेट मैनेजमेंट के लिए अहम मानती है।
शाम को मखाना और ड्राई फ्रूट्स
शाम की भूख अक्सर लोगों का डाइट प्लान बिगाड़ देती है। ऐसे समय में तली-भुनी चीजों या मीठे स्नैक्स की जगह शिखा ने ग्रीन टी, मखाना और सीमित मात्रा में बादाम, काजू या अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स लेने की बात कही।
ड्राई फ्रूट्स पौष्टिक होते हैं, लेकिन कैलोरी भी ज्यादा होती है। इसलिए इन्हें मुट्ठी भर खाने की बजाय सीमित मात्रा में लेना बेहतर है।
डिनर में चावल भी था
दिलचस्प बात यह है कि उनके डाइट प्लान में डिनर से चावल पूरी तरह हटाया नहीं गया था। उन्होंने चावल, सोया चंक्स और काफी सलाद का उदाहरण दिया।
यह बात उस आम धारणा को चुनौती देती है कि वजन कम करने के लिए रात में कार्ब्स पूरी तरह बंद करने जरूरी हैं। असल में कुल कैलोरी, पोर्शन साइज और पूरे दिन का आहार अधिक मायने रखता है।
बाहर का खाना किया कम
शिखा ने अपने सुझावों में बाहर के खाने से बचने और ज्यादातर घर का पौष्टिक भोजन खाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने रोज करीब 30 मिनट तेज चाल से चलने की बात भी कही।
घर का खाना वजन घटाने में इसलिए मददगार हो सकता है क्योंकि उसमें तेल, नमक, चीनी और पोर्शन पर बेहतर नियंत्रण रहता है। रेस्टोरेंट या पैकेज्ड फूड में छिपी कैलोरी अधिक हो सकती है।
7 से 8 घंटे की नींद
वेट लॉस सिर्फ खाने का खेल नहीं है। शिखा ने अपने पांच नियमों में रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद को भी शामिल किया।
कम नींद भूख, थकान और भोजन संबंधी फैसलों को प्रभावित कर सकती है। अच्छी नींद नियमित व्यायाम और संतुलित डाइट को बनाए रखने में मदद करती है।
3 से 4 लीटर पानी का दावा
उन्होंने रोज 3 से 4 लीटर पानी पीने की बात कही। ([Hindustan Times][1]) हालांकि पानी की जरूरत हर व्यक्ति में अलग होती है और मौसम, शरीर के आकार, किडनी की स्थिति तथा शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करती है।
इसलिए बिना जरूरत के बहुत ज्यादा पानी पीना भी सही नहीं है। सामान्य तौर पर प्यास, पेशाब का रंग और व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए हाइड्रेशन बनाए रखना बेहतर है।
तनाव कम करना भी जरूरी
शिखा ने तनाव को नियंत्रित करने को भी वजन घटाने की रणनीति का हिस्सा बताया।
ज्यादा तनाव में कई लोगों की खाने की आदतें बिगड़ जाती हैं। कुछ लोग तनाव में ज्यादा खाते हैं, खासकर मीठा और हाई-कैलोरी फूड। इसलिए पर्याप्त नींद, हल्की एक्सरसाइज, वॉक और नियमित दिनचर्या भी मददगार हो सकती है।
डिनर जल्दी करने की सलाह
उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव में शाम 7 बजे से पहले डिनर करने को महत्वपूर्ण बताया।
लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए जरूरी नियम नहीं माना जाना चाहिए। अगर किसी की नौकरी देर तक है या दिनचर्या अलग है तो समय से ज्यादा जरूरी कुल कैलोरी, भोजन की गुणवत्ता और सोने से बहुत ठीक पहले भारी भोजन न करना हो सकता है।
रोज वजन चेक करने की बात
शिखा ने रोज वजन नोट करने की सलाह भी दी। हालांकि वजन हर दिन पानी, नमक, हार्मोन और पाचन की वजह से ऊपर-नीचे हो सकता है।
इसलिए कई लोगों के लिए साप्ताहिक औसत देखना ज्यादा उपयोगी हो सकता है। रोज वजन देखने से अगर चिंता बढ़ती हो तो इसकी जरूरत नहीं है।
पोर्शन कंट्रोल सबसे बड़ा हथियार
उनकी हाल की सलाह में भी पोर्शन कंट्रोल, रोज वॉक, ज्यादा पानी, सलाद और पर्याप्त प्रोटीन पर जोर दिया गया है।
वास्तव में वजन घटाने के लिए शरीर को खर्च होने वाली ऊर्जा से कुछ कम कैलोरी मिलना जरूरी होता है। यह कमी बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए, वरना कमजोरी, मसल लॉस और पोषण की कमी हो सकती है।
तेजी से 50 किलो कम करना सबके लिए सुरक्षित नहीं
यहां सबसे महत्वपूर्ण सावधानी यह है कि 50 किलो वजन कम करना बहुत बड़ा बदलाव है। किसी व्यक्ति ने यह वजन कितने समय में कम किया, उसका मेडिकल इतिहास क्या था और उसकी निगरानी किसने की—ये सभी बातें महत्वपूर्ण हैं।
बहुत तेजी से वजन घटाने की कोशिश करना सुरक्षित नहीं माना जाता। किसी भी बड़े वेट लॉस लक्ष्य के लिए डॉक्टर या योग्य डायटिशियन से व्यक्तिगत प्लान लेना बेहतर है, खासकर अगर आपको डायबिटीज, थायरॉइड, ब्लड प्रेशर, किडनी या लिवर से जुड़ी कोई समस्या हो।
घर का खाना क्यों काम कर सकता है?
वजन कम करने के लिए ‘डाइट फूड’ खरीदना जरूरी नहीं है। दाल, सब्जी, रोटी, चावल, दही, पनीर, फल और सलाद जैसे सामान्य भारतीय भोजन से भी संतुलित डाइट बनाई जा सकती है। वर्तमान विशेषज्ञ सलाह भी एक्सट्रीम डाइट की बजाय संतुलित भोजन, फाइबर, प्रोटीन और नियमित गतिविधि पर जोर देती है।
असल फर्क अक्सर इस बात से पड़ता है कि आप कितना खा रहे हैं, कितनी बार बाहर का खाना खा रहे हैं और रोज कितनी शारीरिक गतिविधि कर रहे हैं।
क्या आप भी यही डाइट कॉपी कर सकते हैं?
सीधे किसी दूसरे व्यक्ति का पूरा डाइट प्लान कॉपी करना सही तरीका नहीं है। शरीर की जरूरत उम्र, वजन, लंबाई, लिंग, दिनचर्या, दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार बदलती है।
शिखा की कहानी से उपयोगी सीख यह जरूर ली जा सकती है कि वजन घटाने के लिए महंगे सप्लीमेंट या बेहद कठिन डाइट हमेशा जरूरी नहीं हैं।
घर का संतुलित भोजन, सही पोर्शन, पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर, नियमित वॉक और अच्छी नींद ज्यादा टिकाऊ विकल्प हो सकते हैं।
सबसे जरूरी बात यह है कि लक्ष्य सिर्फ वजन कम करना नहीं बल्कि ऐसी आदतें बनाना होना चाहिए जिन्हें लंबे समय तक निभाया जा सके।
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