forensic samples और फोरेंसिक सैंपल पर अमित शाह ने क्या कहा

राज्यों को विशेष निर्देश जारी किए हैं।

Update: 2026-06-19 12:13 GMT

India भारत : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पीड़ितों को तेज न्याय दिलाने और आपराधिक मामलों की जांच को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अपराध की त्वरित और सटीक जांच के लिए फोरेंसिक डेटा और अपराध स्थल से एकत्र किए गए सैंपल की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

अमित शाह ने यह बात 26वीं अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 को संबोधित करते हुए कही। अपने संबोधन में उन्होंने फोरेंसिक विज्ञान और आधुनिक तकनीक के उपयोग को अपराध जांच प्रणाली की रीढ़ बताया और राज्यों की भूमिका को अहम करार दिया।

गृह मंत्री ने कहा कि NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) और CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network and Systems) जैसे डेटाबेस की गुणवत्ता और सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी राज्यों की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन प्रणालियों में दर्ज डेटा की सटीकता और सुरक्षा से ही जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराध स्थल से एकत्र किए गए DNA सैंपल की सुरक्षा और संरक्षण राज्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान इन सैंपलों का सही उपयोग केंद्र सरकार की एजेंसियों द्वारा किया जाता है, लेकिन उनकी प्रारंभिक सुरक्षा और रखरखाव राज्य स्तर पर ही सुनिश्चित होना चाहिए।

अमित शाह ने राज्यों से अपील की कि फिंगरप्रिंट डेटा, डीएनए सैंपल और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों को अत्यंत सावधानी के साथ संभाला जाए, ताकि किसी भी स्तर पर जांच की गुणवत्ता प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि यदि साक्ष्य सुरक्षित और सटीक रहेंगे, तो न्याय प्रक्रिया तेज और मजबूत होगी।

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि आधुनिक अपराध जांच प्रणाली में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्यों से फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने और प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान देने की बात कही।

विशेषज्ञों का मानना है कि फोरेंसिक डेटा की गुणवत्ता और सुरक्षा पर जोर देने से देश में आपराधिक जांच प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकती है। इससे न केवल जांच में तेजी आएगी, बल्कि दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया भी मजबूत होगी।

कुल मिलाकर, अमित शाह के इस निर्देश को देश की अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक और अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें केंद्र और राज्यों की साझा जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया गया है।

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