गाजियाबाद: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण कम करने और पुराने प्रदूषणकारी व्यावसायिक वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की 'परिवर्तन योजना' वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। गाजियाबाद में पुराने बस और ट्रक जैसे पात्र व्यावसायिक वाहनों को अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर नष्ट कराने के बाद नया BS-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर रोड टैक्स से लेकर रजिस्ट्रेशन फीस तक में बड़ी छूट मिल सकती है। योजना के तहत नई पात्र गाड़ी पर मोटर वाहन टैक्स में 100 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान है।

योजना मुख्य रूप से दिल्ली-NCR में चल रहे पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए लागू की गई है। गाजियाबाद के अलावा उत्तर प्रदेश के NCR क्षेत्र में आने वाले गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली को भी इसका लाभ मिलेगा।
गाजियाबाद में इस योजना के दायरे में बड़ी संख्या में पुराने वाहन आ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार जिले में 14,081 पुराने व्यावसायिक वाहनों को स्क्रैप करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें पुराने ट्रक और बस शामिल हैं। ऐसे वाहनों को अधिकृत Registered Vehicle Scrapping Facility यानी RVSF में स्क्रैप कराने के बाद वाहन मालिक योजना में निर्धारित शर्तों के अनुसार लाभ ले सकते हैं।
सबसे बड़ा फायदा नई गाड़ी खरीदने वालों को रोड टैक्स में मिलेगा। पुराने पात्र वाहन को स्क्रैप कराने के बाद नया BS-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन टैक्स यानी रोड टैक्स की छूट दी जाएगी। यह टैक्स रियायत 10 वर्ष तक प्रभावी रहने का प्रावधान है। वहीं पात्र इस्तेमाल किया हुआ BS-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट मिल सकती है।
नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन शुल्क पर भी राहत दी गई है। योजना के तहत पात्र नया वाहन खरीदने पर रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। यानी पुराने प्रदूषणकारी वाहन को हटाकर आधुनिक वाहन लेने वालों को शुरुआती लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
योजना में पुराने वाहन मालिकों के बकाया टैक्स को लेकर भी महत्वपूर्ण राहत दी गई है। NCR में पंजीकृत BS-1, BS-2, BS-3 और BS-4 श्रेणी के पात्र पुराने बस और ट्रक को अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर नष्ट कराने पर एक वर्ष से अधिक पुराने लंबित मोटर वाहन टैक्स को माफ करने का प्रावधान है। इससे उन वाहन मालिकों को फायदा हो सकता है जिनकी पुरानी गाड़ियों पर टैक्स बकाया है।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन भी योजना का हिस्सा है। वाहन की श्रेणी के आधार पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 64 हजार रुपये से लेकर 2.56 लाख रुपये तक एकमुश्त प्रोत्साहन का प्रावधान बताया गया है। वहीं डीजल और CNG वाहन के लिए कर्ज लेने पर पांच प्रतिशत ब्याज सहायता और कुछ श्रेणियों में फ्यूल वाउचर जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
वाहन निर्माताओं की ओर से भी स्क्रैपेज सर्टिफिकेट के आधार पर छूट मिलने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार नया वाहन खरीदते समय वाहन निर्माता की तरफ से एक्स-शोरूम कीमत पर आठ प्रतिशत तक की छूट का लाभ भी मिल सकता है। वास्तविक छूट संबंधित कंपनी, वाहन श्रेणी और लागू शर्तों के आधार पर तय होगी।
सरकार की कोशिश इस योजना के जरिए दो उद्देश्यों को पूरा करने की है। पहला, दिल्ली-NCR की सड़कों से ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले पुराने व्यावसायिक वाहनों को हटाना और दूसरा, उनके स्थान पर BS-6 तथा इलेक्ट्रिक जैसे अपेक्षाकृत स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देना। NCR में वाहनों से होने वाला उत्सर्जन वायु प्रदूषण की बड़ी चुनौतियों में शामिल रहा है।
वाहन मालिकों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि योजना का लाभ हर पुराने निजी वाहन को स्वतः नहीं मिलता। लाभ वाहन की श्रेणी, पंजीकरण क्षेत्र, स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट और अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों पर निर्भर करता है। इसलिए वाहन स्क्रैप कराने या नई गाड़ी खरीदने से पहले संबंधित परिवहन कार्यालय से अपनी पात्रता की पुष्टि करना उचित होगा। गाजियाबाद में हजारों पुराने वाहनों को स्क्रैप करने की योजना के कारण आने वाले समय में बड़ी संख्या में वाहन मालिक इसका लाभ उठा सकते हैं। पुराने पात्र व्यावसायिक वाहन को अधिकृत केंद्र पर स्क्रैप कर नया BS-6 या इलेक्ट्रिक वाहन लेने पर रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन शुल्क और अन्य प्रोत्साहनों को मिलाकर वाहन मालिकों की अच्छी-खासी बचत हो सकती है। सरकार को उम्मीद है कि आर्थिक प्रोत्साहन मिलने से पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने की रफ्तार बढ़ेगी और NCR की हवा को साफ करने में भी मदद मिलेगी।
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