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डीयू छात्रसंघ चुनाव में नियम तोड़े तो नामांकन होगा रद्द

nidhi
18 Aug 2026 8:28 AM IST
डीयू छात्रसंघ चुनाव में नियम तोड़े तो नामांकन होगा रद्द
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DUSU चुनाव में सख्ती नशा और लग्जरी वाहनों पर रोक

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। चुनाव प्रचार के दौरान लग्जरी वाहनों के इस्तेमाल, अनधिकृत पार्किंग और शराब या अन्य नशीले पदार्थों के सेवन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रत्याशी का नामांकन तक रद्द किया जा सकता है। लगातार नियम तोड़े जाने की स्थिति में विश्वविद्यालय ने पूरा चुनाव रद्द करने तक की चेतावनी दी है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर कार्यालय में सोमवार को चुनाव व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें प्रॉक्टर और उनकी टीम के अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, वर्तमान DUSU पदाधिकारी, विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि और दिल्ली पुलिस के अधिकारी शामिल हुए। उत्तर जिले के सहायक पुलिस आयुक्त, मौरिस नगर थाने के एसएचओ और यातायात पुलिस के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में मुख्य रूप से चुनाव प्रचार के दौरान यातायात व्यवस्था, वाहनों के इस्तेमाल और आचार संहिता के पालन पर चर्चा हुई।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि चुनाव प्रचार के नाम पर परिसर में लग्जरी गाड़ियों का प्रदर्शन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों को अधिकृत वाहनों के लिए प्रॉक्टर कार्यालय की तरफ से विशेष स्टिकर जारी किए जाएंगे। जिन वाहनों पर अधिकृत स्टिकर नहीं होगा, उन्हें विश्वविद्यालय परिसर या संबंधित कॉलेजों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पिछले चुनावों और मौजूदा प्रचार गतिविधियों में बड़ी संख्या में वाहनों के काफिले और लग्जरी कारों के इस्तेमाल को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। विश्वविद्यालय ने पहले ही प्रत्येक उम्मीदवार के लिए वाहनों की संख्या सीमित करने संबंधी नियम जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि चुनावी प्रचार के कारण छात्रों की सामान्य आवाजाही और विश्वविद्यालय क्षेत्र की यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
नशीले पदार्थों को लेकर नियम और भी सख्त किए गए हैं। यदि किसी उम्मीदवार या उसके समर्थक के वाहन, विश्वविद्यालय परिसर में पार्किंग स्थल अथवा सड़क किनारे शराब या किसी अन्य प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन पाया जाता है तो संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर मामले में उसका नामांकन रद्द किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय ने चुनाव प्रचार में दिल्ली हाईकोर्ट और लिंगदोह समिति की सिफारिशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 5,000 रुपये निर्धारित है। चुनाव परिणाम घोषित होने के दो सप्ताह के भीतर उम्मीदवार को अपने चुनावी खर्च का पूरा और ऑडिट किया हुआ विवरण विश्वविद्यालय या कॉलेज प्रशासन के पास जमा करना होगा। तय सीमा से अधिक खर्च करने पर चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता है।
इस बार चुनाव प्रचार को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी जोर है। उम्मीदवारों को प्रचार के लिए छपे हुए पोस्टर, पर्चे और अन्य मुद्रित सामग्री इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। हाथ से बनाए गए पोस्टर का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा सकेगा। सोशल मीडिया के मुफ्त माध्यमों का उपयोग प्रचार के लिए किया जा सकता है।
प्रचार के लिए लाउडस्पीकर और जानवरों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। किसी तरह के मनोरंजन या प्रचार के उद्देश्य से मैस्कॉट और कॉस्ट्यूम के इस्तेमाल की भी अनुमति नहीं है। प्रचार सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच ही किया जा सकेगा। कॉलेज परिसर में प्रचार के दौरान उम्मीदवार अपने साथ अधिकतम चार वास्तविक विद्यार्थियों को रख सकता है।
उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर भी विस्तृत नियम तय किए गए हैं। नियमित और पूर्णकालिक पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले विद्यार्थी ही चुनाव लड़ सकेंगे। उम्मीदवार के किसी विषय का पेपर लंबित नहीं होना चाहिए। पिछले शैक्षणिक वर्ष में फेल होने या वर्तमान सत्र में दोबारा दाखिला लेने वाले छात्र चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होंगे। इसके साथ निर्धारित न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति की शर्त भी रखी गई है। DUSU चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर 2026 को निर्धारित है, जबकि मतगणना 19 सितंबर को होगी। चुनाव की तारीख करीब आने के साथ छात्र संगठनों की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने शुरुआत से ही आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ा संदेश दिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता केवल चुनावी नियमों तक सीमित नहीं है। चुनाव के दौरान कैंपस में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों, ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा न हो और छात्रों की सुरक्षा बनी रहे, इसके लिए पुलिस और यातायात अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। इस बार प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि छात्र राजनीति के नाम पर धनबल, वाहनों का प्रदर्शन या नशे जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन किसी प्रत्याशी के पूरे चुनावी अभियान पर भारी पड़ सकता है। नामांकन रद्द करने से लेकर गंभीर परिस्थितियों में पूरा चुनाव रद्द करने तक की चेतावनी ने DUSU चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की सख्ती साफ कर दी है।
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