पोषण की पाठशाला कार्यक्रम का शुभारंभ, बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर जोर

छग

Update: 2025-10-16 16:59 GMT
Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर जिले में बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और उनमें पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोषण की पाठशाला कार्यक्रम का जिला पंचायत सभागार में शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर हायर और हायर सेकेंडरी विद्यालयों के नोडल अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, आईआईटी बॉम्बे और एसएमडीटी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में प्रारंभ किया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य बच्चों में एनीमिया, बौनापन और शरीर में वसा की कमी जैसी पोषण संबंधी समस्याओं का उन्मूलन करना तथा विद्यार्थियों में संतुलित आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि बच्चों को सही पोषण मिलना उनके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आज के बच्चे ही कल के देश के भविष्य हैं और इस अभियान के माध्यम से न केवल बच्चों को जागरूक किया जाएगा, बल्कि वे अपने परिवार और समाज में पोषण के दूत बनकर प्रेरणा फैलाएंगे। आईआईटी बॉम्बे द्वारा तैयार किए गए विशेष पोषण वीडियो 01 नवंबर 2025 से जिले के विद्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके बाद विद्यार्थियों से 20 मिनट का सवाल-जवाब और चर्चा सत्र आयोजित किया जाएगा। 9, 10, 11 और 12 कक्षा के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी इस कार्यक्रम का संचालन करेंगे। प्रत्येक सत्र में 10 मिनट का वीडियो दिखाया जाएगा और उसके बाद 20 मिनट की चर्चा में बच्चों से 5-10 सवाल-जवाब लिए जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों के माध्यम से समुदाय में पोषण को बढ़ावा देना, किशोरी लड़कियों में एनीमिया को कम करना और उचित पोषण प्रथाओं के माध्यम से शैक्षणिक और खेल संबंधी उपलब्धियाँ बढ़ाना है। कार्यक्रम में हर सप्ताह शनिवार को चयनित पोषण संबंधी 10 मिनट का वीडियो संचालन और 20 मिनट की चर्चा की जाएगी। साथ ही विशेषज्ञ मार्गदर्शन, पोषण प्रोजेक्ट, पोषण प्रोजेक्ट प्रतियोगिता प्रस्तुति और पौष्टिक आहार दिन का आयोजन भी किया जाएगा। वीडियो में जंक फूड के नुकसान और प्रोटीन,
मैग्नीशियम
, कैल्शियम, विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी12 के महत्व की जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर हायर और हायर सेकेंडरी स्कूलों के पोषण कार्यक्रम हेतु नियुक्त नोडल अधिकारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर व्यास ने सभी शिक्षकों और अधिकारियों से बच्चों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने और कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। इस पहल के माध्यम से जशपुर जिले में स्वस्थ, बुद्धिमान और शारीरिक रूप से मजबूत बच्चों की पीढ़ी तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है।
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