अररिया : बिहार के अररिया जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। भरगामा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर उत्तर पंचायत के वार्ड नंबर नौ में धान की रोपाई के लिए जा रहे मजदूरों से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर तालाब में पलट गई। हादसे में तीन महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि करीब आधा दर्जन मजदूर घायल हो गए।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह कई मजदूर धान की रोपाई के काम के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली से खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रघुनाथपुर उत्तर पंचायत के वार्ड नंबर नौ के पास अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे स्थित तालाब में जा गिरा।
ट्रैक्टर ट्रॉली के तालाब में पलटते ही उसमें सवार मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मजदूरों को ट्रॉली से बाहर निकाला।
इस हादसे में दो महिला मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक अन्य महिला मजदूर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरगामा में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान सिरसियाकला पंचायत के वार्ड नंबर चार मंडल टोला निवासी महिलाओं के रूप में हुई है।
मृतकों में 50 वर्षीय नैना देवी, पति कारी मंडल, 45 वर्षीय मीरा देवी, पति बबलू मंडल और 40 वर्षीय रंजू देवी, पति किशोर मंडल शामिल हैं। हादसे में इन महिलाओं की मौत से उनके परिवारों में मातम छा गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक का माहौल है।
घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ मजदूरों को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रैक्टर के अनियंत्रित होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, हादसा किस वजह से हुआ, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के बारे में भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय ट्रैक्टर कौन चला रहा था और वाहन की स्थिति कैसी थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मजदूर रोजाना की तरह धान रोपाई के लिए जा रहे थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि रास्ते में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
धान की रोपाई के मौसम में बड़ी संख्या में मजदूर खेतों तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर और अन्य वाहनों का सहारा लेते हैं। ऐसे में सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने और लापरवाही से वाहन चलाने पर इस तरह के हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन की ओर से हादसे की जानकारी जुटाई जा रही है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया जा रहा है।