
गोपालगंज : बिहार के गोपालगंज जिले में बुधवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। शहर के जादोपुर मोड़ के पास तेज रफ्तार स्कूली वैन की चपेट में आने से 11 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि टक्कर के बाद बच्चा वैन में फंस गया और चालक उसे करीब दो किलोमीटर तक घसीटता हुआ हजियापुर मोड़ तक ले गया।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चा सामान खरीदने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान जादोपुर मोड़ के पास तेज रफ्तार से आ रही एक स्कूली वैन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्चा वाहन के नीचे फंस गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे आगे बढ़ा दिया। इसके चलते बच्चा सड़क पर घिसटता हुआ करीब दो किलोमीटर दूर हजियापुर मोड़ तक पहुंच गया। रास्ते में बच्चे को वैन के नीचे फंसा देखकर राहगीरों ने शोर मचाना शुरू किया और चालक को वाहन रोकने के लिए कहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोगों के विरोध और भीड़ जुटने के बाद चालक ने स्कूली वैन को हजियापुर मोड़ के पास छोड़ दिया और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां जमा हो गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल बच्चे को वाहन से बाहर निकाला और इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसका इलाज शुरू कर दिया है। बच्चे को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। उसकी हालत पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कूली वैन को अपने कब्जे में ले लिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वाहन की गति कितनी थी और चालक ने दुर्घटना के बाद वाहन क्यों नहीं रोका। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि चालक की पहचान की जा सके।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्कूल वाहनों के संचालन में सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है। उनका आरोप है कि कई बार तेज गति और लापरवाही के कारण बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल वाहनों की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि बच्चों को ले जाने वाले वाहनों में अनुभवी और जिम्मेदार चालकों की नियुक्ति होनी चाहिए।
सड़क हादसों को लेकर जिले में पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चलाते समय सावधानी, गति नियंत्रण और यातायात नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। खासकर स्कूल वाहनों के मामले में लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। घायल बच्चे का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि फरार चालक की तलाश की जा रही है। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और स्कूल वाहनों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





