बालू माफिया पर ED का शिकंजा, 12 ठिकानों पर छापेमारी; 2.92 करोड़ कैश और दस्तावेज बरामद
बालू घोटाला
Banka बांका। बिहार के बांका जिले में अवैध बालू खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने राजस्थान, दिल्ली, गुरुग्राम, पटना और बांका समेत देशभर के 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने 2.92 करोड़ रुपये नकद, महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई है। एजेंसी अवैध बालू खनन से अर्जित धन और उसके इस्तेमाल की जांच कर रही है।
जांच में सामने आया है कि कंपनी का नियंत्रण राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी चंदक परिवार के पास है। मामले में अशोक चंदक और उनके बेटे राघव चंदक जांच के दायरे में हैं। ईडी का आरोप है कि कंपनी ने बांका जिले में लंबे समय तक बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन कर करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमाया। छापेमारी के दौरान ईडी को नकदी के अलावा जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, चेक, लोन एग्रीमेंट, निवेश रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरण मिले हैं। एजेंसी इन दस्तावेजों के आधार पर अवैध कमाई के स्रोत और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच कर रही है।
इस मामले की जांच बांका में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जांच के दौरान ईडी ने आईआईटी पटना से बालू घाटों का जियोस्पेशियल एनालिसिस कराया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच कंपनी ने करीब 131 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की बालू का अवैध खनन किया। आईआईटी पटना की रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार के खान एवं भू-तत्व विभाग ने अगस्त 2025 में नई एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच तेज कर दी। एजेंसी का कहना है कि मामले में जांच अभी जारी है और अवैध खनन तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।