लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के लिए बड़ा निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली में स्थापित किए जा रहे **सीआईआईआईटी (Centre for Innovation, Invention, Incubation and Training)** केंद्रों का संचालन जल्द शुरू करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के उत्कृष्ट संस्थान के रूप में विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने आईटीआई संस्थानों को उद्योगों से जोड़ने, युवाओं को रोजगार योग्य बनाने और कौशल प्रशिक्षण को वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया।
आईटीआई को उद्योगों से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के आईटीआई संस्थानों को अधिक से अधिक उद्योगों के साथ जोड़ा जाए। उद्योगों की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएं, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार प्राप्त करने में आसानी हो।
उन्होंने कहा कि केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित रहने के बजाय युवाओं को अप्रेंटिसशिप और ऑन-जॉब ट्रेनिंग के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। इससे प्रशिक्षित युवाओं को वास्तविक कार्य अनुभव मिलेगा और उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी।
तीन शहरों में सीआईआईआईटी केंद्र जल्द होंगे शुरू
बैठक में मुख्यमंत्री ने सीआईआईआईटी केंद्रों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली में बनाए जा रहे केंद्रों का संचालन जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केंद्र केवल प्रशिक्षण संस्थान नहीं बल्कि नवाचार, नई तकनीक और उद्योग आधारित कौशल विकास के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किए जाएं। इन केंद्रों के जरिए युवाओं को आधुनिक तकनीक की जानकारी मिलेगी और उन्हें नए रोजगार क्षेत्रों के लिए तैयार किया जा सकेगा।
टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आईटीआई का उन्नयन
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में आईटीआई संस्थानों को आधुनिक बनाने के लिए टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से काम किया जा रहा है।
सरकार की योजना के तहत 150 राजकीय आईटीआई के उन्नयन का कार्य चल रहा है, जबकि 62 अन्य आईटीआई के विकास की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा उद्योगों के सहयोग से 37 राजकीय आईटीआई में एडवांस स्किल लैब स्थापित की गई हैं।
रोजगार मेलों के आयोजन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीआई और उद्योगों के बीच लगातार संवाद की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नियमित रोजगार मेलों का आयोजन कराने के निर्देश दिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कौशल विकास को केवल स्थानीय रोजगार तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि युवाओं को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध रोजगार अवसरों के लिए भी तैयार करना है।
अनुदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने को कहा
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए पर्याप्त संख्या में अनुदेशकों की उपलब्धता को जरूरी बताया। उन्होंने अनुदेशकों की चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि 2,406 अनुदेशक पदों पर चयन किया गया है और 2,200 से अधिक चयनित अनुदेशक अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चयनित अनुदेशकों को नियमित नियुक्ति प्रक्रिया में उनके अनुभव और कार्य के आधार पर वेटेज देने का प्रावधान किया जाए।
युवाओं को भाषा और विदेशी कौशल की ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री ने युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के लिए अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाने और विदेशी भाषाओं के डिजिटल प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जापान और जर्मनी जैसे देशों में कुशल कर्मचारियों की मांग को देखते हुए युवाओं को उसी अनुसार तैयार किया जाना चाहिए।
जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री योगी ने जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 9.52 लाख युवाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है। इनमें से 1.44 लाख युवा पात्र पाए गए हैं और 8,746 युवाओं का प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश को कौशल हब बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश को देश का अग्रणी कौशल हब बनाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण की सफलता का आकलन केवल प्रशिक्षित युवाओं की संख्या से नहीं बल्कि उन्हें मिले रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से किया जाए।
Tags: