उत्तर प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 27 जुलाई से मॉनसून होगा सक्रिय

Update: 2026-07-26 03:39 GMT

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार 27 जुलाई से प्रदेश में मॉनसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। इसके साथ ही गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। विभाग ने लोगों से मौसम को लेकर सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ी थीं, जिससे उमस और गर्मी बढ़ गई थी। हालांकि अब बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसमीय सिस्टम के प्रभाव से मॉनसून दोबारा सक्रिय हो रहा है। इसके चलते अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश जिलों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक रविवार और सोमवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में छिटपुट बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि मंगलवार से मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और बारिश का दायरा तेजी से बढ़ेगा। इस दौरान कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं।

27 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान कहीं-कहीं तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

इसके बाद 28 जुलाई को मौसम और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर भी अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई क्षेत्रों में लगातार बारिश से जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

मौसम विभाग ने किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद बताई है। धान, मक्का, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह वर्षा लाभकारी साबित हो सकती है। लंबे समय से पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अधिक बारिश होगी, वहां खेतों में जलभराव की स्थिति बनने पर फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। इसलिए किसानों को खेतों से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ वज्रपात की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।

राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती, गोंडा, बरेली, मेरठ, आगरा, अलीगढ़ और आसपास के जिलों में भी अगले दो से तीन दिनों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कई स्थानों पर बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में तेज बारिश होने की संभावना है।

बारिश के सक्रिय होने से तापमान में भी गिरावट आने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है, जिससे मौसम सुहावना हो जाएगा।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों में जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी किसी भी चेतावनी का गंभीरता से पालन करें। यदि कहीं जलभराव या तेज बारिश की स्थिति बने तो अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।

कुल मिलाकर, 27 जुलाई से उत्तर प्रदेश में मॉनसून के दोबारा सक्रिय होने के साथ बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों में अच्छी वर्षा के संकेत हैं। यह बारिश जहां एक ओर किसानों और जलस्रोतों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर गरज-चमक और वज्रपात जैसी घटनाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।

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