यूपी मौसम अपडेट आज कई जिलों में भारी बारिश लखनऊ में भी बदलेगा मिजाज
यूपी में बारिश का रेड अलर्ट पूर्वी जिलों में झमाझम बरसेंगे बादल
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और हवाओं के साथ मौसम बदलने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी यूपी में 19 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। लखनऊ समेत आसपास के जिलों में भी बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है।
पूर्वी यूपी के 8 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन को भी आपदा प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ में भी बदलेगा मौसम
राजधानी लखनऊ में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत हैं। बादलों की आवाजाही के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश से तापमान में गिरावट आने और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि लगातार बारिश की स्थिति में शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
प्रयागराज समेत कई जिलों में बारिश का असर
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले दिनों हुई भारी बारिश से पहले ही हालात प्रभावित हुए हैं। प्रयागराज में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और प्रशासन को स्कूलों तक को बंद करना पड़ा था। लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। गंगा और यमुना के किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने बारिश और आंधी के दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर जाने से बचने, पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम को देखते हुए खेतों में काम करने की योजना बनाने और फसलों को सुरक्षित रखने के उपाय करने को कहा गया है।