उत्तर प्रदेश : कुछ घंटों के अंतराल में पुलिस विभाग से जुड़े दो कर्मचारियों की मौत का मामला सामने आया है। लखनऊ के गोमतीनगर थाने की बैरक में तैनात एक पुरुष सिपाही की मौत हो गई, जबकि इटावा पुलिस लाइन में तैनात महिला कांस्टेबल ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है। महिला कांस्टेबल की मौत के मामले में उसके पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
लखनऊ के गोमतीनगर थाने में तैनात सिपाही आकाश यादव की मौत हुई है। 26 वर्षीय आकाश मूल रूप से बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र के खेड़की गांव के रहने वाले थे। वह अनिल यादव के बेटे थे और वर्ष 2019 बैच में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे। आकाश अविवाहित थे और वर्ष 2024 से गोमतीनगर थाने की क्राइम टीम में तैनात थे।
पुलिस के मुताबिक आकाश थाने की बैरक में अपने अन्य साथियों के साथ रहते थे। रविवार शाम उनका एक साथी सिपाही बैरक पर पहुंचा तो दरवाजा बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो साथी पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कमरे में प्रवेश किया और आकाश को गंभीर हालत में पाया। उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता दिलाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।
गोमतीनगर इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। फिलहाल आकाश की मौत के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। उनके साथ काम करने वाले कुछ पुलिसकर्मियों ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से किसी बात को लेकर तनाव में नजर आ रहे थे। हालांकि तनाव की वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
आकाश के परिवार में उनकी मां और दो भाई हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
दूसरी घटना इटावा में सामने आई, जहां पुलिस लाइन स्थित आवासीय परिसर में रहने वाली महिला कांस्टेबल प्रियंका की मौत हो गई। 30 वर्षीय प्रियंका मूल रूप से सहारनपुर की रहने वाली थीं। वह वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुई थीं और इटावा के सैफई थाने में तैनात थीं। प्रियंका अपने पति रजत और दो बच्चों के साथ पुलिस लाइन के आवास में रहती थीं।
जानकारी के मुताबिक रविवार को ड्यूटी समाप्त होने के बाद प्रियंका बाजार गई थीं। घर लौटने में देरी को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद पति घर से बाहर चला गया। कुछ समय बाद जब वह वापस लौटा तो प्रियंका की तबीयत गंभीर हालत में थी।
परिजन उन्हें तत्काल सैफई मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने महिला कांस्टेबल के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पति-पत्नी के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कुछ ही घंटों के अंतराल में पुलिस विभाग से जुड़े दो कर्मचारियों की मौत की इन घटनाओं ने कई सवाल खड़े किए हैं। लखनऊ में सिपाही आकाश यादव की मौत का कारण अभी सामने नहीं आया है, जबकि इटावा में महिला कांस्टेबल प्रियंका की मौत के मामले में पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है। पुलिस दोनों मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।