बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा, चारू की तलाश में जुटी टीमों को मिली सफलता

Update: 2026-08-01 16:05 GMT

बुलंदशहर :  भारी बारिश के दौरान नाले के तेज बहाव में बह गई 11 वर्षीय छात्रा चारू कश्यप का शव आखिरकार चार दिन बाद बरामद कर लिया गया। शनिवार को लगातार चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी फ्लड टीम, स्थानीय गोताखोर, पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीमों को सफलता मिली। बच्ची का शव काली नदी क्षेत्र में जलकुंभी के पास से बरामद किया गया।

जानकारी के अनुसार, चार दिन पहले जिले में हुई तेज बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन गई थी। इसी दौरान 11 वर्षीय छात्रा चारू कश्यप नाले के तेज बहाव में बह गई थी। घटना के बाद से ही प्रशासन ने बच्ची की तलाश के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया था। कई दिनों तक अलग-अलग टीमें नाले, आसपास के इलाकों और काली नदी क्षेत्र में लगातार खोजबीन करती रहीं।

बच्ची की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी फ्लड टीम के जवानों के साथ स्थानीय गोताखोर भी अभियान में शामिल किए गए थे। बारिश और खराब मौसम के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार तलाश जारी रखी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर अभियान की निगरानी कर रहे थे।

शनिवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान ड्रोन कैमरे की मदद से काली नदी में जलकुंभी के बीच कुछ दिखाई दिया। जांच करने पर वहां छात्रा चारू का शव होने की पुष्टि हुई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया।

शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी।

चार दिनों तक चले इस सर्च ऑपरेशन में रेस्क्यू टीमों ने कठिन परिस्थितियों में काम किया। लगातार बारिश, तेज बहाव और जलकुंभी जैसी चुनौतियों के बावजूद जवानों ने अभियान जारी रखा। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी टीमों के प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि जवानों और कर्मचारियों ने पूरी मेहनत और समर्पण के साथ बच्ची की तलाश की।

इस घटना को लेकर पूरे इलाके में पहले से ही दुख और चिंता का माहौल था। बच्ची के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे परिवार को शव मिलने की खबर से गहरा सदमा पहुंचा। छात्रा के परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग भी इस दुखद घटना से काफी आहत हैं।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलभराव और खुले नालों की समस्या को लेकर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। चारू की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।

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