कांवड़ यात्रा के बीच बिगड़ी शिवभक्त की तबीयत, मुजफ्फरनगर पुलिस ने दिखाई मानवता
मुजफ्फरनगर : श्रावण मास में जारी कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर गुरुवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने कुछ देर के लिए वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहा एक शिवभक्त अचानक रास्ते में बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शिवभक्त को अचानक दौरा पड़ा, जिसके बाद वह अपना संतुलन खो बैठा और जमीन पर गिर गया। घटना के बाद आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया, लेकिन मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाकर बड़ा हादसा टाल दिया।
घटना मुजफ्फरनगर के व्यस्त शिव चौक की है, जहां कांवड़ यात्रा के चलते लगातार शिवभक्तों की आवाजाही बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहा कांवड़िया अचानक असहज महसूस करने लगा। कुछ ही क्षणों में उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई और उसे दौरा पड़ गया। देखते ही देखते वह सड़क पर गिर पड़ा। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद श्रद्धालुओं और राहगीरों में चिंता का माहौल बन गया। कई लोगों ने तुरंत उसकी मदद करने का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही शिव चौक चौकी प्रभारी शशि कपूर अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए स्थानीय लोगों की मदद से बेहोश शिवभक्त को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पुलिसकर्मियों ने उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए रखी और प्राथमिक स्तर पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। साथ ही तुरंत एंबुलेंस सेवा को सूचना देकर चिकित्सा सहायता के लिए बुलाया गया।
एंबुलेंस पहुंचने तक पुलिसकर्मी और स्थानीय नागरिक लगातार शिवभक्त की देखभाल करते रहे। किसी ने उसके सिर के नीचे सहारा दिया तो किसी ने भीड़ को नियंत्रित किया, ताकि उसे पर्याप्त हवा मिल सके और राहत पहुंचाई जा सके। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से सहयोग की अपील की और एंबुलेंस के लिए रास्ता भी साफ कराया, जिससे चिकित्सा दल बिना किसी बाधा के मौके तक पहुंच सका।
कुछ ही देर में एंबुलेंस शिव चौक पहुंच गई। चिकित्साकर्मियों ने मौके पर ही शिवभक्त की प्राथमिक जांच की और उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। इसके बाद उसे एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। समय रहते चिकित्सा सुविधा मिलने से उसकी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाने में मदद मिली।
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य तीर्थस्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हैं।
मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस समय पर सक्रियता नहीं दिखाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। चौकी प्रभारी शशि कपूर और उनकी टीम द्वारा तत्काल राहत पहुंचाने और बिना देरी किए एंबुलेंस बुलाने की कार्रवाई की लोगों ने प्रशंसा की।
प्रशासन ने कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि किसी भी शिवभक्त की तबीयत अचानक खराब होती है या कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी, स्वास्थ्य टीम या नियंत्रण कक्ष को सूचना दें। यात्रा मार्गों पर एंबुलेंस, चिकित्सा दल और पुलिस बल लगातार तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मुजफ्फरनगर में हुई इस घटना ने यह भी दिखाया कि कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बीमार पड़े शिवभक्त को समय पर उपचार मिल सका और एक संभावित गंभीर स्थिति को टाल दिया गया।