Moradabad: मुरादाबाद : होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी की जान चली गई। बरेली निवासी 27 वर्षीय शिवम यादव 4,800 मीटर की दौड़ पूरी करने से महज 50 मीटर पहले मैदान में गिर पड़े। शिवम ने 11 राउंड पूरे कर लिए थे और 12वें राउंड में लक्ष्य के करीब पहुंच चुके थे। उनके पास तय समय खत्म होने में करीब 50 सेकंड बाकी थे। शुक्रवार सुबह करीब 8:16 बजे वह अचानक बेहोश होकर मैदान में गिर गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर प्राथमिक उपचार और सीपीआर दिया, लेकिन हालत नहीं सुधरी। वही जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पिछले चार दिनों में इस भर्ती दौड़ के दौरान 12 अभ्यर्थियों के गिरकर घायल या बेहोश होने की घटनाएं सामने आई हैं।
28 मिनट में पूरी करनी थी 4.8 किलोमीटर दौड़
होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के तहत अभ्यर्थियों को 28 मिनट में 4,800 मीटर की दूरी पूरी करनी होती है। मुरादाबाद की नौवीं वाहिनी पीएसी के मैदान में यह दूरी 12 राउंड में पूरी कराई जा रही है। भर्ती प्रक्रिया के लिए दौड़ 15 सितंबर से शुरू हुई थी। पहले ही दिन चार अभ्यर्थी दौड़ते समय गिरकर चोटिल हो गए। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। 16 सितंबर को दो और अभ्यर्थी घायल हुए, जबकि 17 सितंबर को पांच अभ्यर्थियों के बेहोश होने की बात सामने आई। शुक्रवार को भी तीन अभ्यर्थी दौड़ के दौरान बेहोश हुए। इनमें शिवम यादव की हालत गंभीर थी और अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मौत हो गई।
लक्ष्य से पहले अचानक मैदान में गिरे शिवम
शिवम शुक्रवार को पांचवीं पाली में दौड़ में शामिल हुए थे। उन्होंने 11 राउंड पूरे कर लिए थे। 12वें और अंतिम राउंड में उन्हें करीब 50 मीटर की दूरी और तय करनी थी। उस समय निर्धारित 28 मिनट की समय सीमा पूरी होने में लगभग 50 सेकंड बाकी थे।
सुबह 8:16 बजे अचानक उनके कदम लड़खड़ाए और वह मैदान में गिर पड़े। मुंह से झाग निकलने पर भर्ती प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम में अफरातफरी मच गई। मौके पर उन्हें सीपीआर दिया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिवम की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है।
पढ़ाई में भी मेधावी थे शिवम
शिवम बरेली के वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद यादव के चार बेटों में दूसरे नंबर के थे। परिवार के मुताबिक, वह पढ़ाई में अच्छे थे। वर्ष 2016 में हाईस्कूल में उन्होंने 90 फीसदी अंक हासिल किए थे। 2018 में बारहवीं में भी उनके 90 प्रतिशत अंक आए थे।
इसके बाद उन्होंने 2021 में कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया। वह बीएड भी थे। शिवम सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने दरोगा और सिपाही भर्ती में भी प्रयास किया था, लेकिन चयन नहीं हो सका। उन्होंने रेलवे लोको पायलट की परीक्षा पास कर ली थी, हालांकि उसका फाइनल एग्जाम अभी बाकी था। होमगार्ड भर्ती के लिए भी वह काफी समय से तैयारी कर रहे थे।
सुबह पांच बजे दौड़ने निकलते थे
परिवार ने बताया कि शिवम शारीरिक परीक्षा की तैयारी को लेकर नियमित थे। वह सुबह करीब पांच बजे दौड़ लगाने के लिए निकल जाते थे। पढ़ाई और नौकरी की तैयारी के साथ वह घर पर बच्चों को कोचिंग भी देते थे।
गुरुवार रात करीब 10 बजे वह अपने पिता विनोद यादव और मौसेरे भाई हिमांशु यादव के साथ रोडवेज बस से बरेली से मुरादाबाद पहुंचे थे। शिवम की दौड़ पांचवीं पाली में थी, जबकि उनके मौसेरे भाई की परीक्षा अंतिम पाली में होनी थी। शिवम के मौसेरे भाई हिमांशु यादव ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने शिवम को बेहोश होकर गिरते देखा था। उस समय उन्हें लगा था कि शिवम केवल बेहोश हुए हैं। अपनी दौड़ पूरी करने के बाद जब वह जिला अस्पताल पहुंचे तो शिवम की मौत हो चुकी थी।
बेटे का शव देखकर पिता की हालत बिगड़ी
शिवम के पिता विनोद यादव बेटे के साथ मुरादाबाद आए थे। वह मैदान के बाहर खड़े होकर शिवम की दौड़ देख रहे थे। बेटे के गिरने की जानकारी मिलते ही वह परेशान हो गए और अस्पताल पहुंचे। मोर्चरी में शिवम का शव देखने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें भी जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना की जानकारी मिलने के बाद शिवम की पत्नी भी बेहोश हो गईं।
भर्ती बोर्ड को भेजी गई मामले की रिपोर्ट
शिवम की मौत के मामले की जानकारी पुलिस और प्रशासन ने यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड तथा शासन को भेज दी है। भर्ती दौड़ के नोडल अधिकारी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट बोर्ड और शासन को भेजी गई है।
होमगार्ड भर्ती के लिए 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित हुई थी। इसमें 19 लाख 29 हजार 155 अभ्यर्थी शामिल हुए थे और 1 लाख 7 हजार 221 अभ्यर्थी पास हुए थे। इन्हीं सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा अलग-अलग केंद्रों पर कराई जा रही है। मुरादाबाद में लगातार अभ्यर्थियों के गिरने और शिवम की मौत के बाद भर्ती दौड़ की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
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