Lucknow. लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के समाजवादी पार्टी पर दिए बयान के बाद सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने पलटवार किया है। पाल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है और युवाओं तथा पीडीए समुदाय से जुड़े लोगों के खिलाफ घटनाएं सामने आ रही हैं। यह बयान मौर्य की उस टिप्पणी की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने पर ‘गुंडागर्दी’ और अपराधियों का राज लौट आएगा। उन्होंने यह भी दावा किया था कि सपा की सरकार बनने पर जेल में बंद अपराधियों को रिहा किया जाएगा।
श्याम लाल पाल ने मौर्य के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनसे मौजूदा सरकार के कार्यकाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल पूछा जाना चाहिए। पाल ने आरोप लगाया कि युवाओं के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया और कई मामलों में उन्हें चोटें आईं। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने रायबरेली, देवरिया, कुशीनगर और वाराणसी समेत कई जिलों में आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती और सरकार का पक्ष भी इस विशेष प्रतिक्रिया में उपलब्ध नहीं है।
रायबरेली में हाल में सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया है। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रायबरेली में सपा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद को लेकर प्रदेश सरकार पर पीडीए के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाया था।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कानून-व्यवस्था और पीडीए राजनीति को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। मौर्य लगातार पूर्ववर्ती सपा सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सपा नेता वर्तमान सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।