अलीगढ़। उत्तर प्रदेश की 68500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 का मामला एक बार फिर सड़कों पर पहुंच गया है। भर्ती में नियुक्ति की मांग कर रहे पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों ने शनिवार को अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने पोस्टर और बैनर लेकर सरकार से लंबित मामले में जल्द फैसला करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एक पोस्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जिस पर लिखा था— ‘मंत्रीजी आपकी तो शादी हो जाएगी, हम तो कुंवारे ही मर जाएंगे।’इस पोस्टर के जरिए अभ्यर्थियों ने वर्षों से नियुक्ति का इंतजार करते-करते उम्र बीतने और भविष्य को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांग को लेकर सरकार और विभाग के सामने आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं मिला है।प्रदर्शन में मथुरा, कासगंज, बरेली समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों से अभ्यर्थी अलीगढ़ पहुंचे थे। प्रदर्शन करीब चार घंटे तक चला।
मंत्री के आवास के बाहर जुटे अभ्यर्थी
शनिवार को अभ्यर्थी अलीगढ़ के मैरिस रोड स्थित बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर एकत्र हुए। हाथों में अलग-अलग नारों वाले पोस्टर लेकर उन्होंने अपनी मांगें उठाईं।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि 68500 सहायक शिक्षक भर्ती को शुरू हुए कई वर्ष गुजर चुके हैं और लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार करने के कारण उनके करियर और निजी जीवन पर असर पड़ रहा है।इसी पीड़ा को दिखाने के लिए ‘मंत्रीजी आपकी तो शादी हो जाएगी, हम तो कुंवारे ही मर जाएंगे’ वाला पोस्टर लगाया गया।इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण और नियुक्ति के मुद्दे को लेकर भी नारे लगाए। उनका कहना था कि सरकार को अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि उनकी मांग पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
क्या है अभ्यर्थियों की मुख्य मांग?
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का मामला 68500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 से जुड़ा है।अभ्यर्थियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में पांच प्रतिशत की छूट देने और पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की संस्तुति की है।प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस संस्तुति के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग आवश्यक कार्रवाई करे।अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक पत्र भी भेजा है। इसमें मांग की गई है कि पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत की छूट देते हुए 150 में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत अंक पाने वाले पात्र अभ्यर्थियों के संबंध में नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।यह प्रदर्शनकारियों की मांग है; भर्ती की पात्रता और नियुक्ति पर अंतिम प्रशासनिक स्थिति संबंधित सरकारी आदेश और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार तय होगी।
आश्वासन नहीं, अब न्याय चाहिए
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना था कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा विवाद कई वर्षों से चला आ रहा है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों, विभाग और सरकार के विभिन्न स्तरों पर अपनी बात रखी है।उनका कहना है कि अब वे केवल आश्वासन लेकर वापस नहीं जाना चाहते बल्कि मामले में ठोस निर्णय चाहते हैं।प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि अगर पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुरूप फैसला होता है तो नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे कई अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है।अभ्यर्थियों ने कहा कि नौकरी की उम्मीद में उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण साल निकल गए हैं। उम्र बढ़ने के साथ दूसरी भर्तियों में शामिल होने के अवसर भी सीमित होते जाते हैं।इसी कारण प्रदर्शन में नौकरी के साथ उम्र और भविष्य का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
शादी वाला पोस्टर बना चर्चा का विषय
प्रदर्शन के दौरान सबसे अधिक ध्यान उस पोस्टर ने खींचा जिसमें मंत्री संदीप सिंह की शादी का उल्लेख करते हुए अभ्यर्थियों ने अपनी पीड़ा जाहिर की।पोस्टर में लिखा था— ‘मंत्रीजी आपकी तो शादी हो जाएगी, हम तो कुंवारे ही मर जाएंगे।’यह नारा मंत्री के निजी जीवन पर टिप्पणी से अधिक अभ्यर्थियों की ओर से लंबे इंतजार को प्रतीकात्मक ढंग से सामने रखने के लिए इस्तेमाल किया गया।इसके जरिए प्रदर्शनकारियों ने यह बताने की कोशिश की कि भर्ती विवाद लंबा खिंचने से उनका जीवन भी प्रभावित हो रहा है।अभ्यर्थियों ने कई दूसरे पोस्टर भी लगाए। इनमें सरकार से नियुक्ति की मांग और आरक्षण के मुद्दे से जुड़े नारे लिखे थे।
मंत्री से मिलने की मांग करते रहे अभ्यर्थी
रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह सामने स्थित एक होटल में मौजूद थे। अभ्यर्थियों ने उनसे मुलाकात करने और अपनी समस्या सुनने की मांग की।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार मंत्री से मिलने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।कुछ समय बाद मंत्री अपनी गाड़ी से वहां से रवाना हो गए। इस दौरान अभ्यर्थियों ने नारे लगाकर उनका ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचने की कोशिश की।मंत्री की ओर से इस प्रदर्शन और अभ्यर्थियों की मांगों पर तत्काल विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आई।
चार घंटे तक चला प्रदर्शन
मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन कई घंटे तक जारी रहा। अभ्यर्थी पोस्टर-बैनर लेकर सड़क किनारे बैठे रहे और नारे लगाते रहे।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी नियुक्ति से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं होता, वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।काफी देर तक चले धरने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मंत्री के आवास के सामने से हटाया।इसके बाद अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन समाप्त करने के बजाय मार्च निकालने का फैसला किया।
अलीगढ़ की सड़कों पर निकाला मार्च
मंत्री के आवास के सामने से हटाए जाने के बाद प्रदर्शनकारी मैरिस रोड से आगे बढ़े। रिपोर्ट के अनुसार वे अब्दुल्लाह, लाल डिग्गी और जिलाधिकारी आवास के सामने से होते हुए घंटाघर स्थित अंबेडकर पार्क की तरफ पहुंचे।
इस दौरान भी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।अंबेडकर पार्क पहुंचने पर वहां पुलिसकर्मी पहले से मौजूद थे। पार्क का गेट बंद मिलने के बाद प्रदर्शनकारी पोस्टर और बैनर लेकर गेट के बाहर ही बैठ गए।देर शाम तक अभ्यर्थियों के वहां डटे रहने की खबर थी।
सीएम योगी से हस्तक्षेप की मांग
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति को लागू करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए जाएं।उनकी मांग है कि पांच प्रतिशत छूट के बाद निर्धारित अंक प्राप्त करने वाले पात्र अभ्यर्थियों की स्थिति पर जल्द फैसला किया जाए।अभ्यर्थियों का कहना है कि मामला लंबा खिंचने से उनके सामने आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की परेशानियां बढ़ रही हैं।
2018 की भर्ती, 2026 में भी प्रदर्शन
68500 सहायक शिक्षक भर्ती वर्ष 2018 से जुड़ी है और आठ साल बाद भी इससे जुड़े कुछ अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।यही लंबा समय शनिवार के प्रदर्शन का सबसे प्रमुख मुद्दा रहा।अभ्यर्थियों ने कहा कि नौकरी की तैयारी और नियुक्ति की उम्मीद में उन्होंने कई वर्ष लगाए हैं। इसलिए अब वे सरकार से स्पष्ट निर्णय चाहते हैं।प्रदर्शन में शामिल लोगों ने यह भी कहा कि उनका आंदोलन किसी एक जिले तक सीमित नहीं है। मथुरा, कासगंज, बरेली और दूसरे जिलों से अभ्यर्थियों का अलीगढ़ पहुंचना इसी वजह से महत्वपूर्ण है।
आयोग की संस्तुति पर टिकी उम्मीद
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की उम्मीद उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की उस संस्तुति पर टिकी है, जिसका वे लगातार उल्लेख कर रहे हैं।उनका कहना है कि आयोग ने ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में पांच प्रतिशत छूट देने की बात कही है। अब वे चाहते हैं कि सरकार इस पर अमल करे और पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ करे।हालांकि आयोग की संस्तुति और अंतिम नियुक्ति आदेश अलग-अलग प्रशासनिक चरण हैं। नियुक्ति का फैसला संबंधित विभाग को लागू नियमों, सरकारी आदेशों और लागू न्यायिक निर्देशों के आधार पर करना होगा।
फिर तेज हुआ शिक्षक भर्ती का मुद्दा
अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री के आवास के बाहर हुआ यह प्रदर्शन 68500 सहायक शिक्षक भर्ती के लंबित विवाद को एक बार फिर चर्चा में ले आया है।एक तरफ अभ्यर्थी पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति लागू कर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार और विभाग से इस मामले में आगे की औपचारिक कार्रवाई का इंतजार है।‘मंत्रीजी आपकी तो शादी हो जाएगी, हम तो कुंवारे ही मर जाएंगे’ जैसे पोस्टर ने प्रदर्शन को अलग पहचान जरूर दी, लेकिन इसके पीछे अभ्यर्थियों का मुख्य मुद्दा आठ वर्षों से चली आ रही नियुक्ति की प्रतीक्षा है।अब नजर इस बात पर है कि प्रदर्शन और मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र के बाद बेसिक शिक्षा विभाग इस मांग पर क्या रुख अपनाता है। फिलहाल अभ्यर्थियों ने साफ किया है कि वे नियुक्ति से जुड़े मामले में निर्णय होने तक अपनी मांग उठाते रहेंगे।
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