उत्तर प्रदेश

प्रिंस युकेश सिंह की राजनीति में एंट्री तय? मायावती के बयान से बढ़ी चर्चाएं

Ratna Netam
6 Aug 2026 7:32 PM IST
प्रिंस युकेश सिंह की राजनीति में एंट्री तय? मायावती के बयान से बढ़ी चर्चाएं
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लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक रहे उमाशंकर सिंह के निधन के बाद पार्टी प्रमुख मायावती ने उनके परिवार को बड़ा राजनीतिक भरोसा दिया है। गुरुवार को दिवंगत विधायक के परिवार से मुलाकात के दौरान मायावती ने कहा कि यदि परिवार की इच्छा होगी तो उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह को राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा और बसपा पूरी मजबूती से उनका साथ देगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल यह समय राजनीति की चर्चा का नहीं, बल्कि परिवार के दुख में साथ खड़े रहने का है।
मायावती ने उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के प्रति हमेशा ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उमाशंकर सिंह ने कभी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और हमेशा बहुजन समाज पार्टी के सिद्धांतों के प्रति वफादार रहे। उनके निधन से पार्टी ने एक समर्पित और भरोसेमंद नेता को खो दिया है।
बसपा सुप्रीमो ने भावुक होते हुए बताया कि उमाशंकर सिंह उन्हें अपनी सगी बहन मानते थे और हर वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर उन्हें राखी भी बांधते थे। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि परिवार जैसा आत्मीय संबंध था। इसी कारण उनके निधन का दुख व्यक्तिगत रूप से भी उन्हें गहराई से प्रभावित कर रहा है।
मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह हमेशा अपने क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में शामिल रहते थे और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते थे। उन्होंने कहा कि रसड़ा विधानसभा क्षेत्र की जनता उन्हें एक जनसेवक के रूप में याद रखेगी। उनका मानना है कि क्षेत्र के लोग भी चाहेंगे कि उनकी राजनीतिक और सामाजिक विरासत आगे बढ़े।
इसी दौरान मायावती ने दिवंगत विधायक के बेटे प्रिंस युकेश सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि परिवार की इच्छा होगी तो बसपा उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर देने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि वह केवल परिवार को यह भरोसा दिलाना चाहती थीं कि इस कठिन समय में पार्टी पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। राजनीतिक निर्णय उचित समय पर लिए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से उमाशंकर सिंह की बीमारी के दौरान उनके पुत्र प्रिंस युकेश सिंह क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे। उन्होंने अपने पिता की अनुपस्थिति में जनसंपर्क बनाए रखा और लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया। राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ वह अपने पारिवारिक कारोबार की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
प्रिंस युकेश सिंह वर्ष 2020 से सीएस इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड कंपनी में प्रेसिडेंट के रूप में कार्य कर रहे थे और वर्ष 2025 में उन्हें कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनाया गया। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़ी इस कंपनी के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा विदेश से प्राप्त की है और आधुनिक प्रबंधन के अनुभव के साथ कारोबार को आगे बढ़ाया है।
प्रिंस युकेश सिंह का पारिवारिक और राजनीतिक संबंध भी चर्चा में रहा है। फरवरी 2024 में उनका विवाह उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के भाई बृजेश सिंह की पुत्री कनिका सिंह से हुआ था। इस कारण उनका राजनीतिक दायरा भी लगातार विस्तृत हुआ है। स्थानीय स्तर पर भी वे सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं।
उमाशंकर सिंह बसपा के उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। उत्तर प्रदेश विधानसभा में वह लंबे समय तक बसपा का प्रभावी चेहरा बने रहे। उनके निधन के बाद प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर है और विभिन्न दलों के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मायावती द्वारा प्रिंस युकेश सिंह को भविष्य में अवसर देने का संकेत रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में बसपा की राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की रणनीति भी हो सकती है। हालांकि फिलहाल पार्टी ने स्पष्ट किया है कि परिवार के शोक के बीच किसी भी राजनीतिक निर्णय पर जल्दबाजी नहीं की जाएगी। आने वाले समय में परिस्थितियों और परिवार की इच्छा के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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