लखनऊ : भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के एक विवादित बयान को लेकर कांग्रेस ने विरोध तेज कर दिया है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अनामिका यादव ने शनिवार को राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज थाने पहुंचकर कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कंगना का बयान छात्रों, युवाओं, महिलाओं और नई पीढ़ी का अपमान करने वाला है तथा इससे समाज में वैमनस्य और तनाव बढ़ने की आशंका है।
अनामिका यादव ने हुसैनगंज थानाध्यक्ष को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा कि 30 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में कंगना रनौत ने एक सार्वजनिक बयान दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि यह बयान विभिन्न समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसके बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
कांग्रेस महिला नेता ने अपनी शिकायत में कहा कि देश में लाखों छात्र और युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी समस्याओं को लेकर छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते हैं। ऐसे में किसी जनप्रतिनिधि द्वारा प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंगना रनौत के बयान से छात्रों और युवाओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
अनामिका यादव ने पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच कर कंगना रनौत के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को अपने बयानों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और उसे लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नीट पेपर लीक जैसे मुद्दे पर देशभर में छात्र अपनी चिंताएं सामने रख रहे हैं। ऐसे समय में छात्रों की समस्याओं को समझने के बजाय उन पर टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी ने मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि बयान कानून के दायरे में आता है तो कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं पर छात्रों के मुद्दों को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि कंगना रनौत अपने बयानों को लेकर पहले भी कई बार चर्चा में रही हैं। उनके समर्थक जहां उनके बयानों को बेबाक राय बताते हैं, वहीं विपक्षी दल कई बार उन पर विवादित टिप्पणियां करने का आरोप लगाते रहे हैं। इस बार नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस ने कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।
फिलहाल हुसैनगंज पुलिस को दी गई तहरीर पर आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के बाद तय करेगी। पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत के आधार पर कौन-सी कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।