उत्तर प्रदेश : महराजगंज जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों की मौत के बाद बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हादसे से आक्रोशित लोगों ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया। सड़क पर बड़ी संख्या में लोगों के उतरने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जानकारी के मुताबिक, निचलौल-महराजगंज मार्ग पर दमकी गांव के सामने मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ था। गैस गोदाम के पास हुए इस हादसे में डंपर की चपेट में आने से चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। एक साथ चार युवाओं की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल फैल गया।
हादसे में जान गंवाने वाले युवकों के परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपने घर के कमाने वाले सदस्यों को खो दिया है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसी मांग को लेकर बुधवार को ग्रामीण सड़क पर उतर आए और बरोहिया के पास हाईवे जाम कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि चार परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे में प्रशासन को पीड़ित परिवारों की मदद के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हाईवे जाम होने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत शुरू की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। मौके पर एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने लोगों की मांगों को सुना और स्थिति को शांत कराने की कोशिश की।
हालांकि, परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे सड़क से नहीं हटेंगे। उनकी प्रमुख मांग जिलाधिकारी से बातचीत, उचित मुआवजा और हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की थी।
सड़क जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बड़ी संख्या में वाहन दोनों ओर फंस गए। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को संभालने का प्रयास किया और प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत करती रही। प्रशासन की कोशिश थी कि जल्द से जल्द जाम समाप्त कराया जाए ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
बताया जा रहा है कि मृतकों में कुछ युवक आपस में रिश्तेदार थे। हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार मजदूरी कर अपना जीवन चलाते थे। युवकों की अचानक मौत ने परिवारों को आर्थिक और भावनात्मक दोनों तरह से बड़ा झटका दिया है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर तरफ पीड़ित परिवारों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन को और गंभीर कदम उठाने चाहिए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तेज रफ्तार वाहनों और लापरवाही के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले को शांत कराने और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया जा रहा है। पुलिस हादसे की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
चार युवकों की मौत के बाद हुआ यह प्रदर्शन एक बार फिर सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं के बाद पीड़ित परिवारों की सहायता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजे को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर है।
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