उत्तर प्रदेश : परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे मील तैयार करने वाले लाखों रसोइयों के लिए जल्द ही अच्छी खबर आ सकती है। प्रदेश सरकार स्कूलों में भोजन बनाने वाले रसोइयों के मानदेय और सुविधाओं को लेकर नई तैयारी कर रही है। राज्य के करीब **साढ़े तीन लाख रसोइयों** को इसका लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मिड-डे मील योजना में रसोइयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ये रसोइये प्रतिदिन लाखों बच्चों के लिए भोजन तैयार करते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से वे कम मानदेय और सीमित सुविधाओं को लेकर अपनी मांगें उठाते रहे हैं। अब सरकार की ओर से उनकी स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
रसोइयों के मानदेय में बदलाव की तैयारी
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत रसोइयों को वर्तमान में मिलने वाले मानदेय को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। रसोइयों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में मौजूदा मानदेय से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
इसी को देखते हुए सरकार उनके मानदेय में बढ़ोतरी या अन्य आर्थिक लाभ देने पर विचार कर रही है। हालांकि अंतिम निर्णय शासन स्तर पर विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
सरकार का प्रयास है कि मिड-डे मील योजना को और प्रभावी बनाया जाए तथा इससे जुड़े कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
साढ़े तीन लाख रसोइयों को मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में रसोइये बच्चों के लिए भोजन तैयार करते हैं। इनकी संख्या करीब साढ़े तीन लाख बताई जा रही है।
इन रसोइयों में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं, जिनके लिए यह काम परिवार की आय का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में मानदेय बढ़ने से उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है।
सरकार का मानना है कि भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रसोइयों की भूमिका अहम है। इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान जरूरी है।
मिड-डे मील योजना में रसोइयों की अहम भूमिका
सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिड-डे मील योजना संचालित की जाती है। इस योजना के तहत बच्चों को स्कूल में गर्म और पौष्टिक भोजन दिया जाता है।
रसोइये सुबह से ही भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में जुट जाते हैं। अनाज की सफाई से लेकर खाना पकाने और भोजन वितरण तक उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और कुपोषण कम करने में भी इस योजना की अहम भूमिका मानी जाती है।
लंबे समय से उठ रही हैं मांगें
रसोइये संगठन कई बार सरकार के सामने अपनी मांगें रख चुके हैं। उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाने, नियमित भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
रसोइयों का कहना है कि वे कम संसाधनों में बड़ी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उन्हें सम्मानजनक मानदेय और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
अब सरकार की ओर से इस दिशा में तैयारी शुरू होने से रसोइयों में उम्मीद बढ़ी है।
सरकार क्यों कर रही है विचार?
प्रदेश सरकार लगातार सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने पर जोर दे रही है। हाल ही में स्कूलों की सुविधाओं, शिक्षकों की उपस्थिति और छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी कई निर्देश जारी किए गए हैं।
इसी क्रम में मिड-डे मील व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार चाहती है कि स्कूलों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलें और भोजन की गुणवत्ता भी बनी रहे। इसके लिए योजना से जुड़े कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
बजट और वित्तीय व्यवस्था पर होगा फैसला
रसोइयों के मानदेय में किसी भी बदलाव के लिए सरकार को अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। इसलिए वित्त विभाग और संबंधित विभागों के बीच चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इसका सीधा लाभ प्रदेश के लाखों परिवारों को मिलेगा।
महिलाओं को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ
मिड-डे मील योजना के तहत काम करने वाले रसोइयों में बड़ी संख्या महिलाओं की है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह काम कई महिलाओं के लिए रोजगार का साधन बना हुआ है।
मानदेय बढ़ने से ग्रामीण महिला श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। साथ ही उन्हें अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी।
स्कूल व्यवस्था को भी मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रसोइयों को बेहतर सुविधाएं और उचित मानदेय मिलता है तो इसका सकारात्मक असर स्कूलों की व्यवस्था पर भी पड़ेगा।
आर्थिक रूप से संतुष्ट कर्मचारी अपने काम को और बेहतर तरीके से कर पाएंगे, जिससे बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।
जल्द आ सकता है फैसला
फिलहाल सरकार स्तर पर इस प्रस्ताव को लेकर तैयारी चल रही है। आने वाले समय में इस पर आधिकारिक निर्णय होने की उम्मीद है।
यदि सरकार रसोइयों के हित में फैसला लेती है तो उत्तर प्रदेश के साढ़े तीन लाख से अधिक रसोइयों को बड़ी राहत मिल सकती है।