शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां राजस्व विभाग की टीम और पुलिस की मौजूदगी में एक किसान ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। किसान को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में किसान और उसके परिजनों ने कानूनगो समेत राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें किसान राजस्व टीम के सामने आत्मदाह का प्रयास करता दिखाई दे रहा है। मामले के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है। पुलिस और प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजस्व टीम के सामने उठाया खौफनाक कदम
जानकारी के अनुसार, मामला शामली जिले के एक गांव से जुड़ा है, जहां जमीन विवाद और राजस्व प्रक्रिया को लेकर किसान काफी समय से परेशान था। बताया जा रहा है कि भूमि संबंधी मामले को लेकर किसान की राजस्व विभाग के अधिकारियों से शिकायत चल रही थी।
आरोप है कि समाधान नहीं होने और कथित रूप से रिश्वत की मांग से परेशान होकर किसान ने यह कदम उठाया। घटना के समय राजस्व विभाग की टीम और पुलिस मौके पर मौजूद थी।
किसान के अचानक आग लगाने से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
कानूनगो पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप
किसान पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि कानूनगो द्वारा काम कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। किसान का आरोप है कि पैसे नहीं देने के कारण उसकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा था।
हालांकि, कानूनगो पर लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में पुलिस और राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी दिखाई दे रही है। किसान के इस कदम ने सरकारी कार्यालयों में आम लोगों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी बहस छेड़ दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते किसान की शिकायत पर ध्यान दिया जाता तो ऐसी गंभीर स्थिति नहीं बनती।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस और प्रशासनिक टीम अब किसान के आरोपों, जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेजों और राजस्व कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
राजस्व विभाग पर पहले भी लगते रहे हैं आरोप
भूमि की पैमाइश, नामांतरण, कब्जा और अन्य राजस्व कार्यों को लेकर कई बार किसानों द्वारा लेखपाल और कानूनगो पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। कई मामलों में एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई भी की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और समय पर समाधान बेहद जरूरी है, क्योंकि देरी और भ्रष्टाचार से आम लोगों की परेशानियां बढ़ जाती हैं।
किसान की हालत गंभीर
आग लगाने की घटना में किसान गंभीर रूप से झुलस गया है। उसे बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। परिवार के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि किसान को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसान को यह कदम उठाने के लिए किन परिस्थितियों ने मजबूर किया और क्या वास्तव में राजस्व विभाग के किसी कर्मचारी ने रिश्वत की मांग की थी।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी। फिलहाल घटना ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और आम लोगों की शिकायतों के समाधान को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।