लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग से भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर होने और वीडियो वायरल करने के आरोप में हाल ही में बर्खास्त किए गए सिपाही सुनील कुमार शुक्ला की मुश्किलें अब कुछ कम होती नजर आ रही हैं। बिना किसी नौकरी या वेतन के संकट का सामना कर रहे पूर्व सिपाही को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से एक बहुत बड़ा सहारा मिला है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सुनील शुक्ला की पिछली सैलरी के बारे में जानकारी ली और उन्हें अपने साथ जुड़ने के लिए एक लाख रुपये प्रति माह (₹1,00,000) के वेतन का शानदार ऑफर दिया है। हालांकि, इस बड़े प्रस्ताव पर अभी तक सुनील कुमार शुक्ला की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।

क्या था पूरा मामला और क्यों हुई थी बर्खास्तगी?

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के गौरीगंज स्थित प्योर रामसेवक मिश्र गांव के रहने वाले 2015 बैच के आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात थे। मई 2026 में उन्होंने ड्यूटी लगाने के नाम पर पैसों की अवैध वसूली और उच्चाधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल किए थे, जिसमें उन्होंने यूपी पुलिस की कार्यशैली को तीखे शब्दों में आड़े हाथों लिया था।

इस घटना के बाद हरकत में आए पुलिस प्रशासन ने 7 मई 2026 को पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया था। विभागीय जांच के दौरान जब सुनील शुक्ला से उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत या साक्ष्य मांगे गए, तो वह न तो जांच कमेटी के सामने पेश हुए और न ही कोई प्रमाण दे पाए। जांच में उनके सभी आरोप बेबुनियाद पाए गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 और सोशल मीडिया नीति-2023 का उल्लंघन करने, अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने तथा अनुशासनहीनता के आरोप में 28 जून 2026 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

'सच बोलने की सजा' बताने वाले सुनील को मिला नया संबल

बर्खास्तगी के बाद पूर्व सिपाही सुनील शुक्ला ने मीडिया के सामने आकर इसे 'सच बोलने की सजा' करार दिया था। नौकरी जाने के बाद उनके भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, क्योंकि बर्खास्तगी को अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा उन्हें ₹1 लाख प्रति महीने की नौकरी का प्रस्ताव देना उनके जीवन में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बर्खास्त सिपाही सुनील शुक्ला स्वामी जी के इस बड़े ऑफर पर क्या निर्णय लेते हैं।

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