उत्तर प्रदेश: रामपुर से बड़ी खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव आजम खां की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने आजम खां और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी समेत कई परिसरों में की गई।

बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के सिलसिले में की गई है। ईडी की अलग-अलग टीमों ने सुबह ही कई स्थानों पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। छापेमारी के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में पहुंचकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की। जांच अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात और अन्य दस्तावेजों को खंगाला। इस दौरान कुछ दस्तावेजों को जांच के लिए अपने कब्जे में लेने की बात भी सामने आई है।

मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ईडी लंबे समय से जौहर यूनिवर्सिटी से संबंधित मामलों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण और संचालन में इस्तेमाल किए गए धन का स्रोत क्या था और क्या इसमें किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई है।

आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कई वर्षों से विवादों में रही है। यूनिवर्सिटी की जमीन, निर्माण और उससे जुड़े मामलों को लेकर पहले भी कई जांच और कानूनी कार्रवाई हो चुकी हैं। अब ईडी की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

बुधवार सुबह जैसे ही ईडी की टीमों के पहुंचने की खबर सामने आई, इलाके में हलचल बढ़ गई। अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी परिसर में पहुंचकर अपनी कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान किसी भी तरह की बाधा न आए, इसके लिए सुरक्षा बलों की मौजूदगी भी रही।

आजम खां समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें जमीन से जुड़े विवाद, सरकारी संपत्तियों से संबंधित मामले और अन्य आरोप शामिल रहे हैं। कई मामलों में उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा है।

ईडी की कार्रवाई को लेकर अभी तक आजम खां या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, इससे पहले समाजवादी पार्टी कई बार आरोप लगाती रही है कि केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है।

जांच एजेंसी का कहना है कि छापेमारी एक नियमित जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। ईडी की टीम यह भी जांच कर रही है कि यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन में नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

गौरतलब है कि जौहर यूनिवर्सिटी आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर जानी जाती है। इसकी स्थापना रामपुर में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। हालांकि, समय-समय पर यूनिवर्सिटी जमीन और वित्तीय मामलों को लेकर विवादों में घिरती रही है।

फिलहाल ईडी की जांच जारी है और छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी। जांच एजेंसी आने वाले दिनों में संबंधित लोगों से पूछताछ भी कर सकती है।

आज की कार्रवाई के बाद आजम खां और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में एक बार फिर सियासी हलचल बढ़ गई है। अब सभी की नजर ईडी की आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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