निघासन में 10 वर्षीय बच्चे की जान लेने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

Update: 2026-08-02 06:38 GMT

लखीमपुर खीरी। उत्तर निघासन वन रेंज क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। रविवार सुबह लंबे समय से चल रहे रेस्क्यू अभियान के बाद तेंदुआ वन विभाग के लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और वन विभाग की टीम की कार्रवाई की सराहना की।

जानकारी के अनुसार, यही तेंदुआ कुछ दिन पहले क्षेत्र में एक 10 वर्षीय मासूम पर हमला कर उसकी जान लेने का आरोपी था। घटना के बाद से इलाके में भय का माहौल बना हुआ था। ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर दहशत थी और लोग अपने बच्चों तथा मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।

मासूम की मौत के बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया था। विभाग की कई टीमें लगातार इलाके में गश्त कर रही थीं। तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए और उसके संभावित रास्तों पर पिंजरे भी लगाए गए थे।

कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद रविवार सुबह वन विभाग को सफलता मिली। तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से दूरी बनाए रखने की अपील की और सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया है। अब उसके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी और आगे की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। विभाग यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि पकड़ा गया तेंदुआ ही मासूम पर हमले के लिए जिम्मेदार है या नहीं।

रेस्क्यू अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने कई चुनौतियों का सामना किया। घने जंगल और ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की तलाश करना आसान नहीं था। टीम लगातार उसके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थी और स्थानीय लोगों से भी सहयोग लिया जा रहा था।

तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से डर का माहौल बना हुआ था। लोग शाम के समय घरों से निकलने में भी सावधानी बरत रहे थे। अब तेंदुए के पकड़े जाने से उन्हें काफी राहत मिली है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि वन क्षेत्र से लगे गांवों में अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में वन विभाग की निगरानी और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित गश्त बढ़ाने की मांग भी की है।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल और वन्यजीवों से जुड़े क्षेत्रों में सावधानी बरतें। किसी भी जंगली जानवर की मौजूदगी की सूचना तुरंत विभाग को दें और खुद से उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें।

तेंदुए के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीद है। वन विभाग अब आगे की कार्रवाई में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों और मानव आबादी के बीच टकराव को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने लाती है। जंगलों के आसपास बसे इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना वन विभाग के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।

फिलहाल, उत्तर निघासन वन रेंज क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। कई दिनों से जिस तेंदुए को लेकर डर बना हुआ था, उसके पकड़े जाने के बाद लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।

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