मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक महिला की मौत के बाद गांव में PAC तैनात
तेंदुए के खौफ में मुरादाबाद गांव ग्रामीणों के गुस्से के बाद सुरक्षा बढ़ी
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिए PAC (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) तैनात कर दी है। वन विभाग की टीमें तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान चला रही हैं।
जानकारी के अनुसार, मामला जिले के बलिया गांव का है, जहां महिला पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और वन विभाग व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
ग्रामीणों में बढ़ा गुस्सा
महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने तेंदुए के आतंक को लेकर विरोध जताया। लोगों का कहना है कि इलाके में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ा जाए, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।
वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू अभियान
घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की तलाश शुरू कर दी। अधिकारियों ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और संभावित स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाने और कैमरों की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखने की तैयारी की जा रही है।
सुरक्षा के लिए PAC तैनात
ग्रामीणों के आक्रोश और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गांव में PAC की तैनाती कर दी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वन्यजीवों के बढ़ते हमलों से चिंता
उत्तर प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में हाल के समय में तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं सामने आई हैं। खेतों और जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों का क्षेत्र कम होने और मानव गतिविधियों के बढ़ने से वन्यजीव आबादी वाले इलाकों की ओर आने लगे हैं। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की टीमें तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुटी हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर न जाने की सलाह दी गई है।