कांवड़ यात्रा मार्ग पर गुलदार की दस्तक, 100 मीटर दूर दिखने से श्रद्धालुओं में डर
कांवड़ियों के रास्ते पर मंडराया खतरा
मंडावली : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में कांवड़ यात्रा मार्ग के पास गुलदार दिखाई देने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि कांवड़ मार्ग से करीब 100 मीटर की दूरी पर गुलदार को देखा गया, जिसके बाद लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में कांबिंग अभियान शुरू कर दिया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमों को तैनात किया गया है। आसपास के जंगल और संभावित ठिकानों की तलाश की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सावन महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन मार्गों से गुजरते हैं। ऐसे में गुलदार की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। वन विभाग और पुलिस की टीमें लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं।
श्रद्धालुओं को भी सावधानी बरतने और अकेले सुनसान इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
ग्रामीणों में डर का माहौल
गुलदार दिखाई देने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में डर का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से लगे क्षेत्रों में पहले भी वन्यजीवों की आवाजाही देखी गई है। उन्होंने वन विभाग से जल्द से जल्द गुलदार को सुरक्षित पकड़ने या उसे आबादी क्षेत्र से दूर करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय विशेष सावधानी बरती जा रही है और लोग समूह में ही बाहर निकल रहे हैं।
वन विभाग ने शुरू किया तलाशी अभियान
वन रेंज की टीम ने गुलदार की तलाश के लिए कांबिंग अभियान चलाया। टीम ने जंगल, झाड़ियों और आसपास के क्षेत्रों में जांच की। इसके अलावा गुलदार की गतिविधियों का पता लगाने के लिए संभावित रास्तों पर निगरानी भी बढ़ाई गई है।
वन अधिकारियों का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यदि जरूरत पड़ी तो पिंजरे और अन्य तकनीकी साधनों की मदद भी ली जाएगी।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों और कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर तुरंत विभाग को सूचना दें। लोगों को गुलदार के करीब जाने या उसे परेशान करने से भी मना किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों और मानव आबादी के बीच टकराव को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।