जालौन। अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में रहने वाले IAS अधिकारी **रिंकू सिंह राही** एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट लिखकर प्रशासनिक व्यवस्था और कुछ अधिकारियों के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राही ने दावा किया कि उनके खिलाफ लगातार साजिशें हो रही हैं और अब जरूरत पड़ने पर वह न्याय पाने के लिए हाईकोर्ट की शरण भी ले सकते हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह यह देखना चाहते हैं कि अधिकारी आखिर कितना नीचे तक जा सकते हैं।
रिंकू सिंह राही वर्तमान में जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी न्यायिक के रूप में तैनात बताए गए हैं। उनकी ताजा पोस्ट 15 अगस्त के एक भाषण के वीडियो को लेकर पैदा हुए विवाद और उसके बाद पुलिस को दी गई शिकायत के बीच सामने आई है।
कोल्ड स्टोरेज और सरकारी जमीन की जांच पर उठाए सवाल
रिंकू सिंह राही ने अपनी पोस्ट में अपनी पिछली प्रशासनिक कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि उनके ट्रांसफर के बाद तहसील जालौन में कोल्ड स्टोरेज की जांच का क्या हुआ। उनके मुताबिक उस समय कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की सैलरी तक रोकी गई थी।
उन्होंने सरकारी और नजूल की जमीन पर कथित अवैध कब्जों को हटाने के लिए हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। राही ने आशंका जाहिर की कि हो सकता है कि कागजों में सब कुछ सही दिखा दिया गया हो। ये सभी दावे राही की ओर से सोशल मीडिया पर किए गए हैं और संबंधित अधिकारियों का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी पर लगाया पत्र नहीं लेने का आरोप
रिंकू सिंह ने अपनी पोस्ट में वरिष्ठ कोषाधिकारी जालौन के कार्यालय से जुड़े एक घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनके पत्र को कार्यालय में रिसीव करने से इनकार कर दिया गया। उन्होंने फोन पर बात करने का प्रयास किया तो बातचीत भी नहीं हो सकी।
इसी घटनाक्रम पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उनका कहना था कि अगर कोई पत्र आधिकारिक रूप से प्राप्त ही नहीं किया जाता है तो बाद में उसके अनुपालन का सवाल भी खड़ा नहीं होगा।
कहा, जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट जाऊंगा
रिंकू सिंह राही ने अपनी पोस्ट में कानूनी रास्ता अपनाने का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि कथित साजिश करने वालों के खिलाफ एफआईआर जरूरी दिखाई दे रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह गलत होंगे तो उन्हें सजा मिल जाएगी।
राही ने आशंका जाहिर की कि कानूनी प्रक्रिया में भी उनके खिलाफ कोई साजिश हो सकती है। ऐसी स्थिति में उन्होंने न्याय पाने के लिए **उच्च न्यायालय की शरण लेने** की बात कही है।
15 अगस्त के भाषण से शुरू हुआ नया विवाद
यह पूरा मामला स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए रिंकू सिंह राही के एक भाषण के बाद ज्यादा चर्चा में आया। रिपोर्ट के मुताबिक 15 अगस्त को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भाषण दिया था।
राही का आरोप है कि उनके भाषण के वीडियो को काट-छांट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि भाषण में शहीद भगत सिंह से जुड़े उदाहरण वाले हिस्से को संदर्भ से अलग करके वायरल किया गया, जिससे उनकी सामाजिक और प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचा।
इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद पैदा हुआ था। अब राही ने वीडियो एडिट और वायरल करने के पीछे साजिश होने का आरोप लगाया है।
उरई कोतवाली में दी शिकायत
रिंकू सिंह राही ने मामले में उरई कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कुछ लोगों के खिलाफ मानहानि, साजिश और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस से वायरल वीडियो और उसे प्रसारित करने वाले लोगों की जांच करने की मांग की है।
राही ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया कि तहसील में नजूल भूमि, कथित अवैध कोल्ड स्टोरेज और खनन से जुड़ी कार्रवाइयों के बाद भी उनके खिलाफ साजिश हुई और उनका स्थानांतरण कराया गया था।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले भी विवादों में रहे रिंकू सिंह राही
रिंकू सिंह राही पहले भी अपने प्रशासनिक अंदाज को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। जुलाई 2025 में शाहजहांपुर के पुवायां में SDM रहते हुए एक विवाद के बाद उनका वीडियो वायरल हुआ था। वकीलों के विरोध के बीच उठक-बैठक लगाने वाला उनका वीडियो सामने आने के बाद उनका तबादला कर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया था।
राही भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने रुख को लेकर भी लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। उनकी प्रशासनिक यात्रा में कई बार टकराव और विवाद सामने आए हैं।
अब पुलिस जांच पर नजर
फिलहाल रिंकू सिंह राही की ताजा सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। उन्होंने जिस तरह वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और हाईकोर्ट तक जाने की बात कही है, उससे विवाद आगे बढ़ सकता है।
अब सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि उनकी पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और वीडियो एडिट करने तथा साजिश के उनके आरोपों की जांच में क्या सामने आता है। साथ ही जिन अधिकारियों पर उन्होंने सवाल उठाए हैं, उनका पक्ष भी पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल राही के आरोप उनके अपने दावे हैं और जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना होगा।
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