मुजफ्फरनगर : जनपद के चरथावल विकासखंड के ग्राम पावटी खुर्द स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया उपकेंद्र लंबे समय से नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहा है। इसके चलते ग्रामीणों और आसपास के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र केवल कागजों में संचालित होता नजर आ रहा है, जबकि जमीनी हकीकत में यहां अक्सर ताला लटका रहता है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में कर्मचारियों की तैनाती और सुविधाओं की उपलब्धता दिखाई जाती है, लेकिन मौके पर न तो स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से मिलते हैं और न ही मरीजों को दवाइयां और उपचार की सुविधा मिल पाती है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में किसी व्यक्ति के बीमार होने या अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी आने पर उन्हें कई किलोमीटर दूर अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ समय की भी बर्बादी होती है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उपकेंद्र नियमित रूप से खुलता रहे तो छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज गांव में ही संभव हो सकता है और लोगों को दूर नहीं जाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य उपकेंद्र परिसर की स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि परिसर में लंबे समय से साफ-सफाई नहीं हुई है। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। इससे आसपास रहने वाले लोगों में जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र जैसी जगह पर सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, लेकिन यहां स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को उपकेंद्र की स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। उनका कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लापरवाही के कारण इन योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग की है कि पावटी खुर्द स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण कराया जाए और इसकी वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। साथ ही नियमित रूप से चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को गांव में ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही उपकेंद्र की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, उपकेंद्र को नियमित खोलने और मरीजों को जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द संज्ञान लेकर स्वास्थ्य उपकेंद्र की व्यवस्था को पटरी पर लाएगा, जिससे गांव के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।