गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा, 24 घंटे में 14 सेंटीमीटर की वृद्धि; प्रशासन अलर्ट
उत्तरप्रदेश : जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन सतर्क हो गया है। पिछले 24 घंटों में गंगा के पानी में 14 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 66.610 मीटर तक पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
गंगा के जलस्तर में अचानक हो रही वृद्धि ने नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है।
मंगलवार सुबह दर्ज किए गए जलस्तर के अनुसार, गंगा का पानी 66.610 मीटर पर पहुंच गया है। बीते दिन की तुलना में नदी के जलस्तर में 14 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि अभी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय अधिकारियों को सक्रिय कर दिया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर सबसे पहले नदी के निचले इलाकों में देखने को मिलता है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। प्रशासन ने ऐसे इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर बढ़ने के पीछे लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। मौसम की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। यदि आने वाले दिनों में बारिश जारी रहती है या नदी में पानी का प्रवाह बढ़ता है तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।
प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। इन चौकियों के माध्यम से नदी के जलस्तर और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, स्थानीय कर्मचारियों को भी क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर स्थिति की जानकारी लेने को कहा गया है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी प्रशासन की ओर से सावधानी बरतने की अपील की गई है। लोगों से कहा गया है कि वे बच्चों को नदी के पास न जाने दें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।
बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियों की भी समीक्षा शुरू कर दी है। नाव, गोताखोरों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी के आसपास रहने वाले परिवारों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन तेजी से बढ़ता पानी प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है। इसलिए समय रहते निगरानी और तैयारी करना जरूरी होता है।
फिलहाल जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में होने वाले हर बदलाव की जानकारी ली जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जाएंगे।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। आने वाले दिनों में नदी की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।