25 सितंबर तक मिलेगा मुफ्त राशन अंत्योदय कार्ड धारकों को 18 रुपये किलो चीनी
रायबरेली। जिले के राशन कार्ड धारकों के लिए राहत भरी खबर है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत करीब 1133 उचित दर दुकानों पर 25 सितंबर तक मुफ्त खाद्यान्न वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को तीन महीने की तीन किलोग्राम चीनी भी उपलब्ध कराई जा रही है। चीनी की कीमत 18 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। जिला पूर्ति विभाग ने सभी कोटेदारों को तय समय के भीतर शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में लगभग साढ़े पांच लाख राशन कार्ड धारक हैं, जिनसे करीब 22 लाख यूनिट जुड़ी हुई हैं। इन सभी पात्र लाभार्थियों को उनके राशन कार्ड की श्रेणी और यूनिट के अनुसार गेहूं एवं चावल दिया जाएगा। विभाग की तरफ से वितरण की तारीख पहले ही तय कर दी गई है और खाद्यान्न का स्टॉक भी राशन दुकानों तक पहुंचा दिया गया है। कई स्थानों पर खाद्यान्न वितरण का काम शुरू हो चुका है।
जिला पूर्ति विभाग के अनुसार, सभी पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ निर्धारित समय के भीतर मिलना चाहिए। इसके लिए उचित दर विक्रेताओं को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे राशन वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और प्रत्येक कार्ड धारक को उसका निर्धारित खाद्यान्न उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
इस बार जिले के एक लाख एक हजार 913 अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को तीन किलोग्राम चीनी भी दी जाएगी। यह चीनी जुलाई, अगस्त और सितंबर—तीन महीनों के लिए एक-एक किलोग्राम प्रति माह के हिसाब से उपलब्ध कराई जा रही है। इस तरह प्रत्येक पात्र अंत्योदय परिवार को कुल तीन किलोग्राम चीनी मिलेगी। लाभार्थियों को इसके लिए 18 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से कुल 54 रुपये का भुगतान करना होगा।
विभाग ने बताया कि चीनी का स्टॉक समय से पहले ही संबंधित गोदामों में पहुंचा दिया गया था। इसके बाद आवश्यकता और कार्ड संख्या के अनुसार दुकानों तक इसकी आपूर्ति कराई गई। इससे वितरण अवधि के दौरान चीनी की उपलब्धता में बाधा आने की आशंका कम होगी। कोटेदारों को राशन के साथ ही पात्र अंत्योदय परिवारों को चीनी देने के निर्देश दिए गए हैं।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में संचालित करीब 1133 दुकानों पर बड़ी संख्या में लाभार्थी निर्भर हैं। गांवों और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकारी राशन खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में विभाग ने दुकानदारों से निर्धारित समय, मात्रा और मूल्य का पालन करने को कहा है।
अंत्योदय कार्ड सबसे जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जारी किए जाते हैं। इन परिवारों को नियमित खाद्यान्न के साथ रियायती दर पर चीनी मिलने से घरेलू खर्च में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बाजार में चीनी की कीमत की तुलना में 18 रुपये प्रति किलोग्राम की सरकारी दर काफी कम है। तीन महीने की चीनी एक साथ मिलने से लाभार्थियों को बार-बार दुकान का चक्कर भी नहीं लगाना पड़ेगा।
वितरण के दौरान राशन कार्ड धारकों को अपने निर्धारित कोटे की दुकान पर पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। खाद्यान्न का वितरण ई-पॉस मशीन के जरिए किए जाने की व्यवस्था है। लाभार्थी का सत्यापन होने के बाद उसे राशन कार्ड में दर्ज यूनिट और श्रेणी के अनुसार खाद्यान्न दिया जाएगा। किसी कारण से बायोमेट्रिक सत्यापन में परेशानी आने पर लाभार्थी को संबंधित विक्रेता या पूर्ति विभाग से संपर्क करने की सलाह दी जा सकती है।
जिला पूर्ति विभाग ने सभी उचित दर विक्रेताओं को स्पष्ट किया है कि 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत राशन वितरण पूरा करना अनिवार्य है। किसी दुकान पर खाद्यान्न या चीनी का वितरण रोका गया अथवा लाभार्थियों को अनावश्यक रूप से वापस भेजा गया तो संबंधित विक्रेता की जवाबदेही तय हो सकती है। दुकानों को निर्धारित अवधि तक नियमित रूप से खोलने और वितरण संबंधी सूचना स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा गया है।
लाभार्थियों से भी अपील की गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपनी राशन दुकान पर जाकर खाद्यान्न प्राप्त कर लें। अंतिम दिनों में अधिक भीड़ होने से ई-पॉस मशीन और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। बुजुर्ग और दिव्यांग लाभार्थियों को भी सुविधाजनक तरीके से राशन देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई है।
राशन वितरण में घटतौली, निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये मांगने या खाद्यान्न उपलब्ध होने के बावजूद वितरण नहीं करने की शिकायत मिलने पर कार्ड धारक जिला पूर्ति विभाग से संपर्क कर सकते हैं। विशेष रूप से अंत्योदय कार्ड धारकों को ध्यान रखना होगा कि तीन किलोग्राम चीनी के लिए उनसे केवल निर्धारित दर के अनुसार 54 रुपये ही लिए जाएं।
विभागीय अधिकारियों की ओर से राशन दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक और वितरण की प्रगति की निगरानी किए जाने की उम्मीद है। दुकानों पर मौजूद गेहूं, चावल और चीनी की मात्रा का मिलान लाभार्थियों को वितरित सामग्री से किया जाएगा। इससे कालाबाजारी, घटतौली और फर्जी वितरण जैसी शिकायतों को रोका जा सकेगा।
जिले में राशन कार्ड धारकों और यूनिट की बड़ी संख्या को देखते हुए 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत वितरण पूरा करना विभाग तथा कोटेदारों के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। करीब साढ़े पांच लाख कार्ड और 22 लाख यूनिट तक खाद्यान्न पहुंचाने के लिए आपूर्ति तथा वितरण व्यवस्था का सुचारु रहना जरूरी होगा।
अधिकारियों ने कोटेदारों को वितरण से संबंधित अभिलेखों को अपडेट रखने और प्रत्येक लाभार्थी को सही मात्रा में राशन देने के निर्देश दिए हैं। वितरण पूरा होने के बाद बचा हुआ स्टॉक और कुल उठान का विवरण भी विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
फिलहाल राशन दुकानों पर मुफ्त गेहूं और चावल का वितरण जारी है। अंत्योदय परिवारों को तीन महीने की रियायती चीनी भी दी जा रही है। लाभार्थियों के पास अपना खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए 25 सितंबर तक का समय है। विभाग का लक्ष्य निर्धारित अवधि के भीतर सभी पात्र कार्ड धारकों तक राशन पहुंचाना है।