लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और नई पहल सामने आई है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों से जोड़ने के लिए नीब करोरी बाबा के नाम पर नया आध्यात्मिक सर्किट तैयार किया गया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश पर्यटन की ओर से पांच विशेष टूर पैकेज तैयार किए गए हैं। इन पैकेजों के माध्यम से श्रद्धालु नीब करोरी बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों के साथ आसपास के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों की यात्रा कर सकेंगे।
नीब करोरी बाबा के अनुयायी भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में हैं। उनके आश्रमों और मंदिरों में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उत्तर प्रदेश में भी बाबा से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थान मौजूद हैं। इन्हीं स्थलों को एक व्यवस्थित पर्यटन सर्किट में जोड़कर श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव देने की योजना बनाई गई है।
नए आध्यात्मिक सर्किट के माध्यम से सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन से रोजगार और स्थानीय कारोबार के नए अवसर पैदा करना भी है।
नीब करोरी बाबा से जुड़े स्थलों को मिलेगी नई पहचान
नीब करोरी बाबा 20वीं सदी के प्रसिद्ध संतों में गिने जाते हैं। उनके अनुयायी उन्हें महाराजजी के नाम से भी जानते हैं। बाबा का जीवन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई स्थानों से जुड़ा रहा। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले का नीब करोरी गांव उनके जीवन से विशेष रूप से संबंधित माना जाता है।
बाबा ने अपने जीवनकाल में कई स्थानों पर आश्रम और मंदिरों की स्थापना से जुड़े कार्य किए। हनुमान जी के प्रति उनकी गहरी आस्था थी। यही कारण है कि उनके आश्रमों में हनुमान मंदिर प्रमुख रूप से देखने को मिलते हैं।
उनकी आध्यात्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने के प्रयास के तहत यूपी में उनसे जुड़े स्थलों को नए सर्किट में शामिल करने की योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पांच अलग-अलग टूर पैकेज होंगे खास
नए आध्यात्मिक सर्किट में पांच विशेष टूर पैकेजों की योजना इस तरह तैयार की जा रही है कि श्रद्धालु अपनी उपलब्धता और यात्रा की अवधि के अनुसार विकल्प चुन सकें। इनमें कम अवधि की यात्रा से लेकर विस्तृत आध्यात्मिक यात्रा तक के विकल्प रखे जा सकते हैं।
टूर पैकेजों में नीब करोरी बाबा से जुड़े प्रमुख स्थानों के साथ प्रसिद्ध मंदिरों और आसपास के पर्यटन स्थलों को शामिल करने पर जोर है। इससे श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा के दौरान कई धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का मौका मिलेगा।
पर्यटन विभाग का फोकस यात्रा को सुविधाजनक बनाने के साथ परिवहन, ठहरने, स्थानीय भ्रमण और गाइड जैसी सेवाओं को एक व्यवस्थित पैकेज में उपलब्ध कराने पर है।
नीब करोरी गांव होगा महत्वपूर्ण पड़ाव
फर्रुखाबाद जिले में स्थित नीब करोरी गांव इस आध्यात्मिक सर्किट का महत्वपूर्ण केंद्र हो सकता है। बाबा का नाम इसी गांव से जुड़ा है। यहां उनसे जुड़ी स्मृतियां और धार्मिक स्थल उनके अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखते हैं।
अभी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी व्यक्तिगत व्यवस्था से इन स्थानों तक पहुंचते हैं। पर्यटन सर्किट बनने के बाद यहां तक पहुंचने के लिए परिवहन और दूसरी सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।
इससे स्थानीय स्तर पर होटल, होम स्टे, दुकान, भोजनालय और परिवहन सेवाओं को भी फायदा हो सकता है।
वृंदावन से भी रहा है बाबा का खास संबंध
नीब करोरी बाबा का वृंदावन से भी गहरा संबंध रहा है। वृंदावन में स्थित नीब करोरी बाबा आश्रम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के बीच प्रसिद्ध है। यहां हनुमान जी का मंदिर भी है और बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं।
वृंदावन पहले से उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल है। बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर और भगवान कृष्ण से जुड़े अनेक धार्मिक स्थलों के कारण यहां सालभर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।
ऐसे में नीब करोरी बाबा आध्यात्मिक सर्किट को वृंदावन जैसे बड़े धार्मिक केंद्र से जोड़ने पर श्रद्धालुओं को व्यापक आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव मिल सकता है।
विदेशी श्रद्धालुओं में भी बाबा की जबरदस्त लोकप्रियता
नीब करोरी बाबा की लोकप्रियता की सबसे खास बात यह है कि उनके अनुयायी केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया के कई देशों में उनके भक्त मौजूद हैं।
अमेरिकी आध्यात्मिक शिक्षक राम दास उनके सबसे प्रसिद्ध शिष्यों में रहे। इसके बाद पश्चिमी देशों में बाबा की शिक्षाओं और आध्यात्मिक विचारों को व्यापक पहचान मिली।
Steve Jobs और Mark Zuckerberg जैसे वैश्विक टेक जगत के चर्चित नामों की भारत यात्रा के संदर्भ में भी नीब करोरी बाबा और कैंची धाम का उल्लेख होता रहा है। इसी वजह से बाबा से जुड़े आध्यात्मिक स्थलों में विदेशी पर्यटकों की दिलचस्पी भी दिखाई देती है।
उत्तर प्रदेश में तैयार किया जा रहा नया सर्किट विदेशी आध्यात्मिक पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
धार्मिक पर्यटन का प्रभाव केवल मंदिरों या आश्रमों तक सीमित नहीं रहता। किसी धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर आसपास होटल, धर्मशाला, रेस्टोरेंट, टैक्सी, ई-रिक्शा, प्रसाद और स्थानीय उत्पादों की मांग भी बढ़ती है।
नीब करोरी बाबा सर्किट के जरिए छोटे शहरों और गांवों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती है तो स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। विशेष रूप से युवाओं को पर्यटन गाइड, परिवहन और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े क्षेत्रों में काम मिल सकता है।
स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को भी पर्यटकों के बीच नया बाजार मिलने की संभावना रहेगी।
धार्मिक पर्यटन पर यूपी का बड़ा फोकस
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन का तेजी से विस्तार हुआ है। अयोध्या, वाराणसी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और विंध्याचल जैसे धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
प्रदेश में रामायण सर्किट, कृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थल और बौद्ध पर्यटन केंद्रों को विकसित करने की दिशा में भी काम किया गया है। इसी कड़ी में अलग-अलग संतों और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े स्थलों को पर्यटन नेटवर्क में शामिल करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
नीब करोरी बाबा के नाम पर तैयार किया गया सर्किट इसी धार्मिक पर्यटन रणनीति का नया हिस्सा माना जा सकता है।
यात्रा आसान बनाने पर रहेगा जोर
किसी भी धार्मिक पर्यटन सर्किट की सफलता के लिए कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसलिए सर्किट में शामिल स्थलों तक सड़क मार्ग और सार्वजनिक परिवहन को सुविधाजनक बनाना जरूरी होगा।
श्रद्धालुओं के लिए साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, पार्किंग और ठहरने जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार भी महत्वपूर्ण रहेगा। पर्यटन विभाग के टूर पैकेज इन व्यवस्थाओं को एक साथ जोड़ने में मदद कर सकते हैं।
ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा मिलने से दूसरे राज्यों या विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा की योजना बनाना और आसान हो सकता है।
बुजुर्ग श्रद्धालुओं को भी मिलेगा लाभ
धार्मिक यात्रा करने वालों में बुजुर्गों की संख्या काफी अधिक होती है। अलग-अलग जगहों के लिए वाहन और होटल की व्यवस्था करना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। संगठित टूर पैकेज उपलब्ध होने से उन्हें यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी।
अगर परिवहन, ठहरने और दर्शन से जुड़ी सुविधाएं एक ही पैकेज में उपलब्ध होती हैं तो परिवार के साथ यात्रा करने वालों को भी इसका फायदा मिलेगा।
आध्यात्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनने की तैयारी
नीब करोरी बाबा के नाम से तैयार नया आध्यात्मिक सर्किट उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को एक नया आयाम दे सकता है। पांच अलग-अलग टूर पैकेज यात्रियों को अपनी जरूरत और समय के हिसाब से यात्रा चुनने का विकल्प देंगे।
बाबा से जुड़े स्थानों को एक पर्यटन नेटवर्क में जोड़ने से उनकी आध्यात्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ स्थानीय पर्यटन को भी मजबूती मिल सकती है। खास तौर पर विदेशी श्रद्धालुओं में बाबा की लोकप्रियता को देखते हुए यह सर्किट अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि पांचों टूर पैकेजों में कौन-कौन से स्थल शामिल किए जाते हैं, उनकी अवधि और किराया कितना रखा जाता है तथा श्रद्धालुओं के लिए बुकिंग की क्या व्यवस्था होगी।