बरेली। बरेली कॉलेज में शिक्षकों के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था बदलने का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को शिक्षक संघ ने इस मुद्दे पर आमसभा आयोजित की। बैठक के बाद शिक्षक प्राचार्य कार्यालय के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन कर पार्किंग से संबंधित नया आदेश वापस लेने की मांग की। शिक्षक संघ के समर्थन में कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

शिक्षकों ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने 10 सितंबर को पार्किंग व्यवस्था से संबंधित नया आदेश जारी किया था। इसके तहत शिक्षकों के वाहनों की पार्किंग कॉलेज के मुख्य बैरियर के पास निर्धारित कर दी गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षक अपने वाहनों को विभागों के पास नहीं ले जा पा रहे हैं। उन्हें मुख्य बैरियर के पास वाहन खड़ा कर अपने संबंधित विभाग तक पैदल जाना पड़ रहा है।

शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कॉलेज परिसर काफी बड़ा है और मुख्य बैरियर से कई विभागों की दूरी अधिक है। ऐसे में सभी शिक्षकों के लिए प्रतिदिन वाहन पार्क कर विभागों तक पैदल जाना व्यावहारिक नहीं है। विशेष रूप से वरिष्ठ, बीमार और चलने-फिरने में परेशानी महसूस करने वाले शिक्षकों को नई व्यवस्था के कारण कठिनाई हो रही है।

शुक्रवार को आयोजित आमसभा में पार्किंग आदेश पर विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षकों ने कहा कि प्रशासन ने आदेश जारी करने से पहले शिक्षक संघ से बातचीत नहीं की। यदि नई व्यवस्था लागू करने से पहले संबंधित पक्षों के साथ बैठक की जाती तो व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता था। शिक्षकों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि उनकी सुविधा और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखे बिना पार्किंग स्थल बदल दिया गया।

आमसभा में मौजूद शिक्षकों ने सर्वसम्मति से आदेश का विरोध करने का निर्णय लिया। बैठक समाप्त होने के बाद सभी शिक्षक प्राचार्य कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और अपनी मांग के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज प्रशासन से आदेश को तत्काल वापस लेने और पहले की पार्किंग व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के सदस्यों ने भी शिक्षक संघ के आंदोलन का समर्थन किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि परिसर की व्यवस्था से जुड़े निर्णय लेते समय शिक्षकों और कर्मचारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से टकराव की स्थिति पैदा होने से पहले बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने की अपील की।

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वे कॉलेज में अनुशासन और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के विरोधी नहीं हैं। यदि परिसर में वाहनों के कारण किसी तरह की समस्या उत्पन्न हो रही है तो उसका समाधान सभी संबंधित पक्षों के सुझाव के आधार पर किया जाना चाहिए। शिक्षक संघ ने कहा कि वाहनों के लिए विभागों के पास सीमित और व्यवस्थित पार्किंग स्थल निर्धारित किए जा सकते हैं।

शिक्षकों ने सुझाव दिया कि वरिष्ठ और अस्वस्थ शिक्षकों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की जा सकती है। इसी प्रकार विभागवार पार्किंग पास जारी कर वाहनों की संख्या नियंत्रित की जा सकती है। कॉलेज प्रशासन चाहे तो परिसर में आने वाले वाहनों का रिकॉर्ड तैयार करने और अनधिकृत वाहनों को रोकने के लिए पहचान पत्र या वाहन पास की व्यवस्था भी लागू कर सकता है।

शिक्षक संघ के सदस्यों ने कहा कि मुख्य बैरियर के पास सभी शिक्षकों के वाहन खड़े होने से वहां भी भीड़ और अव्यवस्था उत्पन्न हो सकती है। कॉलेज आने-जाने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की आवाजाही उसी क्षेत्र से होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में वाहन एक स्थान पर खड़े करने से सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की नई समस्या सामने आ सकती है।

नई पार्किंग व्यवस्था से समय की बर्बादी होने की शिकायत भी की गई। शिक्षकों ने कहा कि कई बार उन्हें कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और प्रशासनिक कार्यालयों के बीच जाना पड़ता है। विभागों से पार्किंग स्थल अधिक दूर होने पर जरूरी स्थिति में वाहन तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग सकता है। इसके अलावा खराब मौसम में भी पैदल आने-जाने में परेशानी होगी।

शिक्षकों ने कहा कि बरसात, तेज धूप या अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों में मुख्य बैरियर से विभाग तक पैदल पहुंचना कठिन हो सकता है। जिन शिक्षकों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है उनके लिए यह व्यवस्था अधिक परेशानी पैदा कर सकती है। शिक्षक संघ ने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए आदेश पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन के सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्किंग आदेश वापस लिए जाने तक संघ आगे की रणनीति पर विचार कर सकता है। हालांकि शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई कि कॉलेज प्रशासन बातचीत के लिए आगे आएगा और समस्या का ऐसा समाधान निकालेगा जिससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो।

कॉलेज में पार्किंग व्यवस्था लंबे समय से महत्वपूर्ण विषय रही है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के कारण परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन पहुंचते हैं। वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करना और मुख्य रास्तों को खाली रखना प्रशासन के लिए चुनौती है। लेकिन नई व्यवस्था लागू करते समय सभी वर्गों की जरूरतों का संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है।

शिक्षक संघ का कहना है कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के नाम पर सभी शिक्षकों के वाहन मुख्य बैरियर के पास खड़े कराना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। संघ ने प्रशासन से संयुक्त समिति बनाने की मांग भी रखी है ताकि परिसर का निरीक्षण कर उपयुक्त पार्किंग स्थल तय किए जा सकें। समिति में प्रशासन, शिक्षक और कर्मचारी प्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।

फिलहाल कॉलेज प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन पार्किंग आदेश वापस लेगा या इसमें संशोधन करेगा। शिक्षक संघ और कर्मचारी समिति की ओर से बढ़ते विरोध के बाद इस मामले में प्राचार्य स्तर पर बैठक होने की संभावना जताई जा रही है।

शिक्षकों ने चेतावनी देने के बजाय पहले संवाद के माध्यम से समाधान निकालने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि कॉलेज के शैक्षणिक कार्य को प्रभावित किए बिना आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। अब सभी की निगाह कॉलेज प्रशासन के अगले कदम पर है। यदि आदेश में बदलाव नहीं किया गया तो शिक्षक संघ दोबारा बैठक कर आंदोलन की आगे की रणनीति तय कर सकता है।

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