लखनऊ : उत्तर प्रदेश में डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को दोस्ती और प्रेमजाल में फंसाकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और लाखों रुपये की वसूली करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवती पहले सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवकों से संपर्क करती थी, फिर उनसे नजदीकियां बढ़ाकर शादी का वादा करती थी। इसके बाद होटल या फ्लैट में मुलाकात के दौरान कथित रूप से निजी फोटो और वीडियो तैयार कर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। विरोध करने या पैसे देने से इनकार करने पर दुष्कर्म, छेड़छाड़ और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले में प्रयागराज के एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर युवती और उसके कथित नेटवर्क के खिलाफ निष्पक्ष जांच तथा सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में दावा किया गया है कि युवती के खिलाफ लखनऊ और प्रयागराज समेत विभिन्न स्थानों पर अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
शिकायत के अनुसार, आरोपित युवती मूल रूप से बलिया जिले की रहने वाली बताई गई है और उसने सोशल मीडिया व विभिन्न डेटिंग ऐप्स पर अलग-अलग नामों से प्रोफाइल बना रखी थीं। आरोप है कि इन्हीं माध्यमों से वह लोगों से संपर्क कर पहले दोस्ती करती, फिर भावनात्मक संबंध बनाकर उन्हें अपने जाल में फंसाती थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति कथित रूप से धन देने से इनकार करता था, तो उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों में शिकायत दर्ज कराने की धमकी दी जाती थी।
प्रयागराज के वरिष्ठ अधिवक्ता नूर आलम ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कई मामलों का उल्लेख करते हुए दावा किया है कि वर्ष 2021 से लेकर अब तक अलग-अलग व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न थानों में दुष्कर्म और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए गए। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2021 में प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2022 में कर्नलगंज थाने में एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2023 और 2024 में भी प्रयागराज के अलग-अलग थानों में उसी व्यक्ति के खिलाफ दो और मुकदमे दर्ज कराए गए। शिकायतकर्ता का दावा है कि बार-बार शिकायतें दर्ज होने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर युवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि युवती के खिलाफ धमकाने, झूठे मुकदमों में फंसाने और धोखाधड़ी जैसे मामलों से जुड़े कई अन्य प्रकरण भी दर्ज हैं।
आरोप है कि बाद में युवती लखनऊ आ गई और यहां भी उसने कई लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2026 में विभूतिखंड थाने में एक होटल से जुड़े कथित दुष्कर्म मामले में कई लोगों को नामजद किया गया। इसके अलावा जुलाई 2026 में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में भी एक अन्य मामला दर्ज कराया गया, जिसमें आपराधिक षड्यंत्र, गलत तरीके से बंधक बनाने और हत्या के प्रयास जैसी धाराएं शामिल थीं।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को सौंपे गए दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया है कि युवती की कुछ तस्वीरें अवैध हथियारों और बड़ी मात्रा में नकदी के साथ सामने आई हैं। इसके अलावा प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र में पानी की टंकी पर चढ़कर हंगामा करने का एक वीडियो भी वायरल होने का दावा किया गया है, जिसमें पुलिस को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी थी। इन दावों की भी जांच एजेंसियों द्वारा सत्यापन किया जाना बाकी है।
इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए होने वाली संभावित ठगी और ब्लैकमेलिंग को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी अनजान व्यक्ति से संबंध बनाने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। निजी जानकारी, फोटो या वीडियो साझा करने से बचना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।
फिलहाल शिकायत के आधार पर संबंधित एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। जांच पूरी होने और न्यायालय के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं। तब तक इस मामले को आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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