उत्तर प्रदेश : अकबरपुर क्षेत्र में चर्च के माध्यम से कथित मतांतरण के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों लोग गरीब परिवारों को आर्थिक प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से ईसाई धर्म से संबंधित धार्मिक पुस्तकें, चर्च सामग्री और कई दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अकबरपुर के रतनपुर इलाके में संचालित सेंट थामस विलियर्स इस्टर्न चर्च से जुड़े मामले में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों के पास से 10 पैकेट में रखी करीब 1250 धार्मिक पुस्तकें बरामद हुई हैं। इसके अलावा चर्च सामग्री, सदस्यता रसीद, प्रार्थना रजिस्टर और अन्य दस्तावेज भी पुलिस ने जब्त किए हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया। दोनों पर आरोप है कि वे चर्च में आने वाले गरीब परिवारों को रुपये और अन्य सुविधाओं का लालच देकर मतांतरण के लिए प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे।

यह मामला करीब एक साल पहले उस समय सामने आया था, जब अकबरपुर के रतनपुर मोहल्ले में स्थित सेंट थामस विलियर्स इस्टर्न चर्च में प्रार्थना सभा की आड़ में कथित रूप से हिंदू समुदाय के लोगों का मतांतरण कराए जाने के आरोप लगे थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने चर्च के फादर के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। पुलिस के अनुसार, फादर को करीब एक साल पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर है। अब इसी मामले में आगे की जांच के तहत पिता-पुत्र की गिरफ्तारी की गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए रजिस्टर और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इन दस्तावेजों के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चर्च की गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें कितने लोग जुड़े हुए हैं।

पुलिस ने यह भी कहा कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि के लिए बरामद सामग्री, दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, चर्च में होने वाली गतिविधियों को लेकर पहले भी सवाल उठाए गए थे। शिकायतों के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।

मतांतरण से जुड़े मामलों में पुलिस आमतौर पर यह जांच करती है कि कहीं किसी व्यक्ति को दबाव, लालच या धोखे के माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर तो नहीं किया गया। इसी आधार पर इस मामले में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी व्यक्ति को अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर उसके खिलाफ कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।

इस मामले ने इलाके में एक बार फिर मतांतरण से जुड़े विवाद को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और कथित गतिविधियों में कौन-कौन लोग शामिल थे।

फिलहाल गिरफ्तार पिता-पुत्र से पूछताछ जारी है। पुलिस बरामद दस्तावेजों और सामग्री की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी सामने आएगी।

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