उत्तर प्रदेश : फर्रुखाबाद जिले के जिलाधिकारी (DM) का एक अलग अंदाज इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान डीएम ने पहले शिक्षा व्यवस्था और सुविधाओं का जायजा लिया, इसके बाद दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ क्रिकेट खेला। डीएम के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अधिकारी बच्चों के साथ मैदान में खेलते हुए नजर आ रहे हैं।
अक्सर प्रशासनिक अधिकारी अपने सख्त फैसलों और निरीक्षणों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन फर्रुखाबाद डीएम ने बच्चों के साथ समय बिताकर एक मानवीय संदेश दिया है। उनके इस कदम की लोगों ने जमकर सराहना की है।
स्कूल पहुंचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा
जानकारी के अनुसार, फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने स्कूल की व्यवस्थाओं, बच्चों की पढ़ाई, साफ-सफाई, शिक्षकों की उपस्थिति और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।
डीएम ने स्कूल परिसर का दौरा करते हुए बच्चों से बातचीत भी की। उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई, समस्याओं और स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे डीएम
निरीक्षण के बाद डीएम ने दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताने का फैसला किया। वह बच्चों के बीच पहुंचे और उनके साथ बातचीत की। बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली।
इसके बाद डीएम ने बच्चों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। उन्होंने बल्ला संभाला और बच्चों के साथ मैदान में खेलते नजर आए।
इस दौरान बच्चों में काफी उत्साह दिखाई दिया। उनके लिए यह पल खास बन गया, क्योंकि जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी उनके साथ खेल रहे थे।
वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
डीएम के क्रिकेट खेलने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में अधिकारी बच्चों के साथ सहज अंदाज में नजर आ रहे हैं।
लोगों ने वीडियो देखकर डीएम के इस प्रयास की प्रशंसा की। कई लोगों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का इस तरह बच्चों के बीच पहुंचना और उनका हौसला बढ़ाना सकारात्मक पहल है।
सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि ऐसे प्रयासों से दिव्यांग बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें समाज से जुड़ाव महसूस होता है।
बच्चों का बढ़ाया आत्मविश्वास
दिव्यांग बच्चों के लिए ऐसे मौके बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। जब कोई बड़ा अधिकारी उनके बीच पहुंचकर सामान्य बच्चों की तरह व्यवहार करता है तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
डीएम ने बच्चों को यह संदेश देने की कोशिश की कि शारीरिक चुनौतियां किसी की प्रतिभा और क्षमता को सीमित नहीं कर सकतीं।
खेल गतिविधियां बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे उनमें टीम भावना, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित होती है।
अधिकारियों के लिए बना प्रेरणादायक उदाहरण
फर्रुखाबाद डीएम का यह कदम प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी एक उदाहरण माना जा रहा है। आमतौर पर अधिकारी निरीक्षण तक सीमित रहते हैं, लेकिन बच्चों के साथ घुल-मिलकर समय बिताना लोगों को काफी पसंद आया।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक अधिकारियों का जनता और बच्चों के बीच सीधे जुड़ना सरकारी योजनाओं और सेवाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद करता है।
दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रयास जरूरी
दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और सुविधाओं के साथ-साथ प्रोत्साहन की भी जरूरत होती है। सरकार की ओर से ऐसे बच्चों के लिए कई योजनाएं चलाई जाती हैं, लेकिन सामाजिक सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करते हैं।
डीएम के अंदाज की हो रही तारीफ
फर्रुखाबाद डीएम का बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने वाला वीडियो सामने आने के बाद लोग उनके सरल और सहज व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ अगर अधिकारी इस तरह मानवीय पहल करते हैं तो जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत होता है।
कुल मिलाकर फर्रुखाबाद डीएम का यह अंदाज न सिर्फ बच्चों के लिए यादगार पल बन गया, बल्कि यह संदेश भी देता है कि संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ प्रशासनिक सेवा को और प्रभावी बनाया जा सकता है।