करेली। करेली थाना क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। तिलछी से करेली मार्ग पर अचानक सामने आए आवारा सांड से बाइक टकराने के बाद 40 वर्षीय किसान की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सिमरौली निवासी गुरमीत सिंह (40) किसी आवश्यक काम से बाइक पर तिलछी से करेली की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर अचानक एक आवारा सांड सामने आ गया। गुरमीत सिंह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही बाइक की सांड से जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर के बाद सड़क पर गिरे किसान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सांड से हुई टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर जा गिरी। गुरमीत सिंह भी सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उन्हें काफी चोटें आईं और वह लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़े रहे।
घटना के बाद मार्ग से गुजर रहे राहगीरों ने उन्हें देखा तो मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल पुलिस को हादसे की सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल किसान को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की गई। हालांकि, उनकी हालत गंभीर बताई गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिवार में मचा कोहराम
गुरमीत सिंह की मौत की खबर जैसे ही उनके परिजनों को मिली, घर में मातम छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे ने परिवार के सामने अचानक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, गुरमीत सिंह खेती-किसानी से जुड़े थे और परिवार की जिम्मेदारियां संभालते थे। उनकी मौत से गांव में भी शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
स्थानीय लोगों ने बताया कि तिलछी-करेली मार्ग सहित आसपास की सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। सड़क पर अचानक पशुओं के आ जाने से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी आवारा पशुओं के कारण कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ घटनाओं में लोगों की जान भी जा चुकी है। हादसा होने के बाद कुछ समय तक जिम्मेदार विभाग सक्रिय दिखाई देते हैं, लेकिन हालात जल्द ही पहले जैसे हो जाते हैं।
लोगों का आरोप है कि सड़कों और बाजारों के आसपास आवारा पशुओं का झुंड आसानी से देखा जा सकता है। खासकर रात और सुबह के समय वाहन चालकों के लिए इनसे बचना मुश्किल हो जाता है।
सड़क पर अचानक सामने आ जाते हैं पशु
आवारा सांड और अन्य पशुओं के सड़क पर घूमने से सबसे अधिक खतरा दोपहिया वाहन चालकों को रहता है। तेज गति से आने वाले वाहन चालक अचानक सामने आए पशु को देखकर ब्रेक लगाते हैं तो वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका रहती है। कई बार पशु भी अचानक दिशा बदल देते हैं, जिससे टक्कर की स्थिति बन जाती है।
गुरमीत सिंह के साथ हुआ हादसा भी इसी तरह की स्थिति का परिणाम बताया जा रहा है। बाइक के सामने अचानक सांड आने से उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और वह दुर्घटना का शिकार हो गए।
ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने से समस्या खत्म नहीं होगी। सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने, उनके लिए उचित व्यवस्था करने और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक ऐसे हादसों का खतरा बना रहेगा। उनका कहना है कि संबंधित विभागों को संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाना चाहिए।
जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बावजूद आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान न होने से जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
गुरमीत सिंह की मौत के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हुआ है कि आखिर कब तक सड़क पर घूमते आवारा पशु लोगों की जान के लिए खतरा बने रहेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस दिशा में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे में किसान की मौत से सिमरौली गांव सहित आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं, यह घटना क्षेत्र में आवारा पशुओं की गंभीर समस्या और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा रही है।