सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में संचालित ए.एल.एम. मीट फैक्ट्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बजरंग दल के पश्चिम उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर फैक्ट्री के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन पर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी, जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ और सुरक्षा मानकों में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
विकास त्यागी ने अपने पत्र में कहा है कि गागलहेड़ी क्षेत्र में संचालित इस फैक्ट्री में हाल ही में गैस रिसाव की घटना सामने आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन दिन पहले हुए इस हादसे में फैक्ट्री में काम कर रहे कई श्रमिक जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके अनुसार, यह घटना फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी औद्योगिक इकाई में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता है तो ऐसी घटनाएं दोबारा भी हो सकती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि गैस रिसाव की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विकास त्यागी ने फैक्ट्री पर पर्यावरण प्रदूषण फैलाने के भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री से निकलने वाला कथित रूप से जहरीला और रासायनिक युक्त गंदा पानी बिना उचित ट्रीटमेंट के काली नदी में छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध बोरिंग के माध्यम से जहरीले अपशिष्ट को जमीन के अंदर पहुंचाया जा रहा है, जिससे भूगर्भ जल प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इस कथित प्रदूषण के कारण गागलहेड़ी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि दूषित पानी के सेवन से क्षेत्र में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बजरंग दल नेता ने कहा कि इस फैक्ट्री के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई नहीं होने से फैक्ट्री संचालकों के हौसले बढ़ रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए ए.एल.एम. मीट फैक्ट्री की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही कथित अवैध बोरिंग और नदी में अपशिष्ट डालने के मामले में तत्काल रोक लगाई जाए।
विकास त्यागी ने फैक्ट्री का लाइसेंस निरस्त करने, जिम्मेदार प्रबंधन और संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा प्रभावित श्रमिकों और ग्रामीणों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने पत्र की एक प्रति सहारनपुर मंडलायुक्त को भी भेजी है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब लोगों की नजरें जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।