शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के फैसले पर विवाद

Update: 2026-07-31 09:11 GMT

फतेहपुर। भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्वी राजे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं। यशस्वी राजे ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कहा कि इसे एक तरह से बलिदान के रूप में पेश करने की कोशिश की गई, जबकि नए शिक्षा मंत्री के चयन को उन्होंने निराशाजनक बताया।

यशस्वी राजे ने कतर के एक न्यूज चैनल को दिए गए साक्षात्कार में शिक्षा मंत्रालय से जुड़े हालिया फैसलों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भाषा पर ध्यान देने की जरूरत है। उनके अनुसार इस्तीफे में न तो किसी गलती को स्वीकार किया गया और न ही किसी प्रकार का पछतावा दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि इस्तीफे को बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करना सही नहीं है।

यशस्वी राजे ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नए मंत्री के चयन से उन्हें निराशा हुई है और यह फैसला उन्हें उचित नहीं लगता। उन्होंने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय के लिए और बेहतर विकल्प चुना जा सकता था।

यशस्वी राजे भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी हैं। विक्रम सिंह फतेहपुर जिले की सदर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। यशस्वी राजे वर्तमान में मॉडल हैं और दिल्ली में रहती हैं। उन्होंने अपने साक्षात्कार में कहा कि वह आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं और पिछले साढ़े तीन साल से भारत में अकेले रह रही हैं। उन्होंने कहा कि वह जो महसूस करती हैं, उसे खुलकर व्यक्त करती हैं और किसी तरह की दोहरी राजनीति में विश्वास नहीं रखतीं।

अपने बयान में यशस्वी राजे ने हालिया राजनीतिक गतिविधियों और सोशल मीडिया की भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने एक राजनीतिक संगठन के प्रदर्शन और उसके प्रचार के तरीकों का जिक्र करते हुए कहा कि मीम्स और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रभावी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि आम लोगों ने भी इन गतिविधियों को बड़े स्तर पर साझा किया, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का बड़ा माध्यम बन चुका है। खासकर युवा वर्ग इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए तेजी से जुड़ रहा है और किसी भी मुद्दे को बड़े स्तर पर चर्चा में ला सकता है।

यशस्वी राजे के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि उनके पिता और भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सिंह ने इस पूरे मामले को बेटी के व्यक्तिगत विचार बताया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी राजे अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र हैं और उनके बयानों को उनसे जोड़ना उचित नहीं होगा।

विक्रम सिंह ने कहा कि बेटी की अपनी सोच और राय हो सकती है। वह इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यशस्वी राजे का बयान उनका व्यक्तिगत मत है और इसे भाजपा या उनके राजनीतिक विचारों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

यशस्वी राजे की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब शिक्षा मंत्रालय में बदलाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। उनके बयान ने एक बार फिर शिक्षा नीति और मंत्रालय से जुड़े फैसलों को लेकर बहस को तेज कर दिया है। हालांकि, भाजपा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल यशस्वी राजे के बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। वहीं, उनके पिता विक्रम सिंह ने इसे पारिवारिक स्तर पर व्यक्तिगत विचार बताते हुए मामले से दूरी बना ली है।

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