गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखपुर में युवाओं और खेलों को लेकर आयोजित कार्यक्रम में माफिया तंत्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि **युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन माफिया तंत्र है।** नकल माफिया हो, शिक्षा माफिया हो या किसी दूसरे क्षेत्र का माफिया, अगर कोई युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा तो सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के एजेंडे में युवाओं और खेलों को उचित स्थान नहीं मिला था।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और खेलों के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ऐसा माहौल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का मौका मिले। उन्होंने दावा किया कि सरकार नकल और शिक्षा से जुड़े संगठित गिरोहों पर लगातार कार्रवाई कर रही है।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी युवा के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई नकल माफिया, शिक्षा माफिया या दूसरे क्षेत्र का संगठित गिरोह युवाओं के जीवन को प्रभावित करता है तो सरकार उसकी संपत्ति जब्त करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।
योगी ने इसे कानून व्यवस्था के साथ युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना था कि प्रतिभाशाली युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
विपक्ष पर साधा निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो दल आज युवाओं के हितों की बात कर रहे हैं, सत्ता में रहते हुए उन्होंने युवाओं के लिए पर्याप्त काम नहीं किया।
योगी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के एजेंडे में खेल और युवा प्राथमिकता में नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कई व्यवस्थाएं माफिया के प्रभाव में थीं, जिससे सामान्य युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर नहीं मिल पाते थे। ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं।
हर गांव में खेल मैदान बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने खेल सुविधाओं को लेकर सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि **हर गांव में खेल का मैदान और ओपन जिम** उपलब्ध हो। इसके साथ हर विकास खंड में मिनी स्टेडियम और प्रत्येक जिले में स्टेडियम विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज और स्पोर्ट्स कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है।
इन सेंटरों में चुनिंदा खेलों के लिए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। पूर्व खिलाड़ियों को कोच के तौर पर जोड़कर उनके अनुभव का लाभ नई पीढ़ी को देने की योजना भी है।
मेरठ की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का किया जिक्र
सीएम योगी ने मेरठ में बनाई गई **मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी** का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में कोई स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी नहीं थी, लेकिन अब हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। 
मुख्यमंत्री के मुताबिक यहां पाठ्यक्रम और खेल गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं तथा विश्वस्तरीय खेल बुनियादी ढांचा विकसित करने पर काम किया जा रहा है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी का आह्वान
योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों से भविष्य की बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखकर अभी से तैयारी करने की अपील की। उन्होंने 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी जगह बनाने के लिए अभी से मेहनत शुरू करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऐसा खेल इकोसिस्टम तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को भी प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
खेल से रोजगार तक युवाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री के भाषण का मुख्य फोकस युवा, खेल और पारदर्शी व्यवस्था पर रहा। उन्होंने माफिया के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को युवाओं के हितों से जोड़ते हुए कहा कि नकल और शिक्षा माफिया प्रतिभाशाली युवाओं के अवसर छीनते हैं।
उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार युवाओं के लिए सुरक्षित और निष्पक्ष माहौल तैयार करने के साथ खेल के बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। वहीं विपक्ष पर उनके हमले से यह भी साफ है कि आने वाले चुनावी दौर में रोजगार, युवा और कानून व्यवस्था उत्तर प्रदेश की राजनीति के प्रमुख मुद्दों में बने रहेंगे।
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