हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एटीएस की मेरठ इकाई ने संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े इनपुट के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों युवक बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव स्थित एक मस्जिद से पकड़े गए। एटीएस की टीम दोनों को पूछताछ के लिए मेरठ लेकर गई है। फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर एटीएस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार एटीएस को दोनों युवकों की गतिविधियों के बारे में कुछ सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद से टीम उनकी निगरानी कर रही थी। हिरासत में लिए गए युवकों में से एक के मेरठ का निवासी होने की बात सामने आई है। दूसरे युवक की पहचान और उसके निवास से संबंधित आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को दोनों युवक बाइक से हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित शेरपुर गांव की ओर जा रहे थे। एटीएस की टीम पहले से उनके पीछे लगी हुई थी। टीम को देखकर दोनों युवकों ने कथित रूप से गांव की मस्जिद के बाहर अपनी बाइक खड़ी कर दी और अंदर चले गए। इसके बाद एटीएस के अधिकारियों ने मस्जिद की घेराबंदी करके दोनों को हिरासत में ले लिया।
कार्रवाई के दौरान युवकों ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने एटीएस अधिकारियों से घटना की जानकारी मांगी। टीम ने उन्हें बताया कि दोनों युवकों का पीछा किया जा रहा था और पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों युवक स्थानीय निवासी नहीं थे और बाइक खड़ी करने के बाद मस्जिद के भीतर आए थे।
एटीएस अब दोनों युवकों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया खातों, बैंक खातों और पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। उनके कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल संपर्कों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों का दावा है कि जांच के दायरे में पाकिस्तान में सक्रिय बताए जाने वाले शहजाद भट्टी से कथित संपर्क का पहलू भी शामिल है। हालांकि इस दावे की एटीएस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
यह भी जांच की जा रही है कि दोनों युवकों ने सोशल मीडिया या किसी संदेश भेजने वाले एप के माध्यम से किन लोगों से बातचीत की थी। उनके मोबाइल फोन को तकनीकी जांच के लिए भेजे जाने की बात सामने आई है। एटीएस की अलग-अलग टीमें दोनों युवकों से जुड़े संभावित ठिकानों और उनके घरों पर भी जानकारी जुटा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवकों के बैंक खातों में हाल के दिनों में कोई संदिग्ध लेनदेन हुआ है या नहीं। इसके अलावा उनके हापुड़ आने के उद्देश्य, शेरपुर गांव जाने के कारण और वहां मौजूद संभावित संपर्कों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। पिछले कुछ दिनों के उनके आवागमन से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन का सहारा लिए जाने की संभावना है।
जांच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से कथित संपर्क के पहलू को लेकर भी पूछताछ किए जाने की बात कही जा रही है लेकिन फिलहाल कोई ठोस आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए हिरासत में लिए गए दोनों युवकों को आतंकवादी गतिविधियों या किसी विदेशी एजेंसी से जुड़ा घोषित करना अभी जल्दबाजी होगी। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां पूर्व में कथित रूप से विदेशी हैंडलरों से जुड़े कुछ मामलों में कार्रवाई कर चुकी हैं। जांच एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर नजर रखती हैं जिन पर युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रभावित करने, संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाने अथवा आपराधिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने का संदेह होता है।
हापुड़ की कार्रवाई को भी इन्हीं सुरक्षा इनपुट से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि दोनों युवकों के खिलाफ अभी मुकदमा दर्ज किए जाने या औपचारिक गिरफ्तारी की पुष्टि सामने नहीं आई है। एटीएस की पूछताछ पूरी होने और आधिकारिक बयान जारी होने के बाद ही आरोपों तथा कार्रवाई की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। स्थानीय पुलिस भी एटीएस के संपर्क में बताई जा रही है।
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