बरेली। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नोएडा से बरेली जा रही मरीज को लेकर एक एंबुलेंस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और इसके बाद पलट गई। हादसे में एंबुलेंस चालक उस्मान और मरीज घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल चालक की उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मरीज और उसके बेटे को दूसरी एंबुलेंस की मदद से बरेली भेजा।

हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। पुलिस ने एंबुलेंस में फंसे लोगों को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने क्षतिग्रस्त एंबुलेंस को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया।

ब्रेन हेमरेज के बाद नोएडा में चल रहा था उपचार

जानकारी के अनुसार, बरेली के इज्जतनगर निवासी अबुजर खान के पिता शाहिद हसन को करीब सात दिन पहले ब्रेन हेमरेज हुआ था। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए नोएडा स्थित पार्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।

अस्पताल में करीब एक सप्ताह तक उनका उपचार चला। परिजनों के मुताबिक, उपचार के बाद शाहिद हसन की हालत में सुधार हुआ। डॉक्टरों की सलाह के बाद गुरुवार को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद परिवार ने उन्हें नोएडा से बरेली वापस लाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की।

शाहिद हसन को लेकर एंबुलेंस बरेली के लिए रवाना हुई। एंबुलेंस में मरीज के साथ उनके बेटे अबुजर खान भी मौजूद थे। चालक उस्मान वाहन चला रहा था।

डिवाइडर पर चढ़ने के बाद पलटी एंबुलेंस

गुरुवार देर रात एंबुलेंस दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे से बरेली की ओर जा रही थी। इसी दौरान किसी स्थान पर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित एंबुलेंस डिवाइडर पर चढ़ गई और पलट गई।

हादसा इतना तेज था कि एंबुलेंस में सवार चालक और मरीज घायल हो गए। मरीज के बेटे को भी हादसे के बाद परेशानी का सामना करना पड़ा। दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

पुलिस ने घायलों को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। चालक उस्मान की हालत गंभीर बताई गई। चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

दूसरी एंबुलेंस से बरेली भेजे गए मरीज

हादसे के बाद पुलिस ने मरीज शाहिद हसन और उनके बेटे को सुरक्षित दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर बरेली रवाना किया। मरीज को पहले ही ब्रेन हेमरेज हो चुका था और वह उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौट रहे थे। ऐसे में हादसे के बाद परिजनों के सामने उन्हें जल्द और सुरक्षित बरेली पहुंचाने की चुनौती थी।

पुलिस की मदद से दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और मरीज को उनके बेटे के साथ बरेली भेज दिया गया। परिजनों ने इसके बाद अस्पताल और चिकित्सकों से संपर्क किया।

चालक की मौत से परिवार में मातम

हादसे में एंबुलेंस चालक उस्मान की मौत से उनके परिवार में मातम छा गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद उनके परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

फिलहाल हादसे की सही वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि एंबुलेंस किस कारण अनियंत्रित हुई। प्रारंभिक तौर पर वाहन के नियंत्रण से बाहर होने की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के अन्य कारणों की भी जांच की जा सकती है।

हाईवे पर बढ़ रहे हादसों को लेकर चिंता

दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। तेज रफ्तार और अचानक वाहन का नियंत्रण बिगड़ना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। रात के समय हाईवे पर दृश्यता और चालक की थकान जैसे पहलू भी सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस की सुरक्षा का सवाल भी खड़ा किया है। एंबुलेंस में मरीज की स्थिति गंभीर होने की स्थिति में चालक पर समय पर अस्पताल पहुंचाने का दबाव रहता है। ऐसे में सुरक्षित गति और सतर्क ड्राइविंग बेहद जरूरी होती है।

फिलहाल पुलिस हादसे की जांच कर रही है। हादसे में चालक की मौत के बाद पुलिस द्वारा वाहन की स्थिति, घटनास्थल और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

नोएडा से बरेली लौट रहा परिवार अस्पताल से मरीज को लेकर घर पहुंचने वाला था, लेकिन रास्ते में हुआ हादसा दर्दनाक घटना में बदल गया। ब्रेन हेमरेज के बाद उपचार से हालत में सुधार होने पर शाहिद हसन को अस्पताल से छुट्टी मिली थी। घर लौटते समय एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई और चालक उस्मान की जान चली गई। पुलिस ने मरीज और उनके बेटे को दूसरी एंबुलेंस से बरेली पहुंचाया।

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